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जालौन में देर शाम गगनभेदी नारों के साथ सभी ताजिये किये सुपुर्द ए खाक,,

Late evening in Jalaun, all refreshments were handed over to ashes with deafening slogans.

नम आंखों और गमगीन धामिर्क प्रवचनों और लंगरों के हुए आयोजन

(ब्यूरो रिपोर्ट)

Jalaun news today । उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में मुहरर्म के अवसर पर नगर के समस्त 23 ताजियाधारकों ने एक से बढ़कर एक ताजिया बनाकर निकाले। इस दौरान अकीदतमंद या हसन, या हुसैन के गगनभेदी नारे लगाते हुए चल रहे थे। नम आंखों और गमगीन धार्मिक प्रवचनों और जगह जगह लंगरों के आयोजन के साथ देर शाम सभी ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। वहीं प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था के चलते कहीं से कोई अप्रिय समाचार नहीं मिला।
हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार मुहर्रम के पर्व पर ताजियाधारकों ने अलम तथा छड़ों के बाद इमाम हसन व हुसैन के रोजे के प्रतीक ताजियों को नौ मोहर्रम की रात नगर के विभिन्न मार्गो से होकर निकाला गया। जो सब्जी मंडी में सुबह तक रहे। इसके बाद सुबह 4 बजे सभी ताजिए अपने अपने इमाम बाड़े चले गए। दस मोहर्रम शनिवार को सबसे पहले तकिया मैदान से मंगू शाह, याकूब शाह, मजीद शाह, हफीज मुकेरी के ताजियों को सुबह 11 बजे उठाया गया। तकिया मैदान से नत्थू यादव चौराहे होकर सब्जी मंडी, प्रेस वाली गली होते हुए झंडा चौराहा पर सभी 23 ताजिया एकत्रित हुए। जहां से लगभग 4 बजे उक्त सभी ताजिए औरेया रोड स्थित कर्बला मैदान के लिए रवाना हो गए। जहां ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। इस दौरान ढोल नगाड़ों पर बज रही मातमी धुनों पर लोगों ने या हसन, या हुसैन के नारे लगाए। ताजिया धारक शमसाद न्यारिया, अफरोज शाह, अनवार अहमद, उस्मान, मुन्ना, आसिफ खान, शाहरूख खान, फैज नागपुरी, शहबाज बाबा, बाबू भाई, आकिब मिस्त्री, पप्पू यार गद्दार, अनवार खान, अब्दुल कय्यूम, वारिस आदि अपने ताजियों के अलावा व्यवस्था को बनाए रखने में भी सहयोग कर रहे थे। ताजिए निकलने केे दौरान कहीं कोई अराजकता न हो साथ ही ऐसी किसी घटना से बचने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। इस दौरान एसडीएम सुरेश कुमार, सीओ रविंद्र गौतम, कोतवाली प्रभारी समीर सिंह, चौकी प्रभारी शशांक बाजपेई के साथ ही आसपास थानों की पुलिस फोर्स लगातार गश्त करती नजर आई।

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