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जालौन नगर का बस स्टैंड बंद होने से रोजी रोटी के संकट से जूझने लगे दुकानदार,,

Shopkeepers started struggling with the crisis of livelihood due to the closure of Jalaun city.

(रिपोर्ट : बबलू सेंगर)

Jalaun news today ।जालौन नगर में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ लोगों की सुविधाओं के लिए नगर में बस स्टैंड की स्थापना 5 दसक पूर्व की गयी थी। यहां से नगर की चारों दिशाओं की यात्रा करने के लिए राहगीरों को बस की सुविधा मिलती थी। एक दसक से बस स्टैंड बंद होने के कारण एक ओर लोगों को यातायात सुविधा में दिक्कत हो रही है तो दूसरी ओर लगभग 1 सैकड़ा लोगों का व्यापार ठप्प सा हो गया है जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार जालौन नगर से निकलने वाली बसों के ठहरने के साथ राहगीरों को एक ही स्थान से विभिन्न मार्गों की बसे उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के मध्य में बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। नगर में बने बस स्टैंड का उद्घाटन 23 सितम्बर 1972 में नगर पालिका परिषद द्वारा कराया गया था। बस स्टैंड के उद्घाटन के साथ ही लोगों को एक ही स्थान से पड़ोसी जनपद औरइया, भिंड के साथ पड़ोसी शहरों उरई, कोंच, माधौगढ, रामपुरा, चुर्खी बाबई आदि के लिए राहगीरों को बस सुविधा मुहैया होने लगी थी। बस स्टैंड के निर्माण के साथ नगर पालिका ने अपनी आय के लिए दुकानों का निर्माण कराया था। सरकार तथा गैर सरकारी दुकानों के माध्यम से लगभग एक सैकड़ा लोगों को व्यापार मिल गया था। दिन भर सवारियों के आने जाने का सिलसिला चलने तथा घंटों बस का इंतज़ार करने के कारण बस स्टैंड के आसपास का बाजार खरीदारों से भरा रहता था। लोगों का व्यापार फल फूल रहा था। नगर पालिका की गैर जिम्मेदाराना नीति के चलते बस स्टैंड बंद हो गया जिससे दुकानदारों की रोजी रोटी पर संकट मड़रा रहा है तथा नगर पालिका का किराया निकलना मुश्किल हो गया है।

एक दसक से बंद है बस स्टैंड पर बसों का संचालन

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड से बसों का संचालन होता था। सभी बसें यहीं से आती थी तथा यहीं से जाती थी। इसके साथ ही रात में बसें रुकती थी। सुबह 4 बजे से रात 11 – 12 बजे तक बस स्टैंड पर चहल पहल रहती थी। बसों का संचालन बंद होने के कारण दिन भर गुलजार रहने वाले होटल, जनरल स्टोर्स, हेयर सैलून, मोची की दुकान समेत सभी प्रकार की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लगभग 10 वर्ष से बस स्टैंड पर बसे खड़े होने के लिए आती है। सभी बसों का संचालन बस स्टैंड की जगह देवनगर चौराहे से हो रहा है।

इस सम्बंध में वही पर दुकान चलाने वाले निसार का कहना है कि जब बस स्टैंड चलता था तो पूरे दिन दुकानदारी होती थी जिससे आराम से घर का खर्चा चलता है। जब से बस स्टैंड बंद हुआ है तब से दुकानदारी ठप्प हो गयी है तथा घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है।

यहीं के पवन ने बताया कि नगर पालिका ने बस स्टैंड का निर्माण कराया था। इससे उम्मीद थी कि बस स्टैंड लम्बे समय तक चलेगा। किन्तु लगभग 10 वर्ष से बस स्टैंड बंद होने से इसके आसपास के दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।

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