

(Bne)
लखनऊ – भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक और बयान जारी कर भाजपा सरकार और संगठन को फिर असहज कर दिया है। पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने सरकार से एक सवाल पूछा। श्री गांधी ने भाजपा सरकार से पूछा कि, सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है? वरुण गांधी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। भाजपा सरकारें और संगठन बेहद उधेड़बुन में हैं कि, वरुण गांधी का क्या किया जाए। उनके तीखे सवालों से भाजपा असहज है। ट्विटर पर रिपोर्ट अपलोड की पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक ट्विट लिखा जिसमें भाजपा सरकार से सवाल किया कि, जो सदन गरीब को 5 किलो राशन दिए जाने पर ‘धन्यवाद’ की आकांक्षा रखता है। वही सदन बताता है कि 5 वर्षों में भ्रष्ट धनपशुओं का 10 लाख करोड़ तक का लोन माफ हुआ है। ‘मुफ्त की रेवड़ी’ लेने वालों में मेहुल चोकसी और ऋषि अग्रवाल का नाम शीर्ष पर है। सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है? इसके साथ ही सांसद ने वर्ष 2018 से 2022 तक माफ किए गए ऋण और दस बड़े बैंक डिफाल्टरों का वित्त मंत्रालय से जारी ब्योरा की रिपोर्ट भी ट्विटर पर अपलोड की है। पूरी व्यवस्था पर तंज वरुण गांधी ने देश को हजारों करोड़ों का चूना लगाने वाले भ्रष्टाचारियों व पीएम मोदी द्वारा विपक्ष को मुफ्त की रेवड़ी वाले तंज पर करारा हमला किया है। उन्होंने ट्वीट करके पूरी व्यवस्था पर तंज कसा है। लगातार भाजपा से पूछ रहे सवाल प्रदूषण पर भाजपा सरकार को घेरते हुए सांसद वरुण गांधी ने अपने ट्विटर पर लिखा कि, गंगा हमारे लिए सिर्फ नदी नहीं, ‘मां’ है। करोड़ों देशवासियों के जीवन, धर्म और अस्तित्व का आधार है मां गंगा। इसलिए नमामि गंगे पर 20,000 करोड़ का बजट बना। 11,000 करोड़ रुपए खर्च के बावजूद प्रदूषण क्यों? गंगा तो जीवनदायिनी है, फिर गंदे पानी के कारण मछलियों की मौत क्यों? जवाबदेही किसकी?




