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एंटीबायोटिक्स दवाइयों की कीमतों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। जिसके बाद अब 334 दवाईयों के सस्ते होने की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में सरकार के इस फैसले के बाद पेन किलर, एंटीबायोटिक्स दवाओं समेत निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी प्रोडक्ट की कीमतों का कम होने का अनुमान है। सरकार ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ’34 नई दवाओं को लिस्ट में जोड़ा गया और 26 को आवश्यक दवाओं की सूची से हटा दिया गया है। ऐसे में इस लिस्ट में शामिल दवाइयों की कीमतों में बदलाव हो सकता है’। वही इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि ‘इस सूची का मसौदा तैयार करना एक लंबी प्रक्रिया है और पूरे भारत के लगभग 350 विशेषज्ञों ने NLEM 2022 का मसौदा तैयार किया है’। केंद्रीय मंत्री कहते है कि :इसके लिए उन्होंने 140 से अधिक कंसल्टेशन मीटिंग्स की हैं.आवश्यक दवाओं की नेशनल लिस्ट (NLEM) में शामिल की जाने वाली दवाएं और उपकरणों की कीमतें नेशनल फार्मास्युटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा तय किया जाएगा। इसके बाद लिस्ट में शामिल दवाएं और उपकरण तय कीमत पर मार्केट में बिकेंगे. इस सूची में जो दवाएं शामिल नहीं हैं, उनकी कीमतों में हर साल 10 फीसदी बढ़ोतरी करने की अनुमति है’। हालांकि इस लिस्ट में कोविड की दवाइयां और टीके शामिल नहीं है। जबकि एंटी-इन्फेक्टिव (एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल आदि), मधुमेह के इलाज के लिए दवाएं, एचआईवी, टीबी, गर्भनिरोधक और हार्मोनल दवाएं NLEM 2022 इस लिस्ट में शामिल है। अब क्योंकि कोविड की दवाई और टीके इमरजेंसी इस्तेमाल अथॉरिटी की श्रेणी में आती है। जिस वजह से उन्हें शामिल नहीं किया गया। बात यदि दवाईयों की कीमत कम होने की करें तो इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि ‘NLEM सुरक्षा, प्रभावकारिता और लागत (किफायती) पर तैयार किया गया है. इसमें केवल वे दवाएं शामिल हैं, जिन्हें भारतीय नियामक ने अप्रूव किया है। वही नई सूची को देश में बीमारी के बोझ और वर्तमान के इलाज को प्रोसेस को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है’।




