श्रावण मास: चौथे सोमवार को शिवालयों में भक्तों का रेला उमड़ा, गूंज रहे बम-बम भोले

Shravan month: On the fourth Monday, devotees thronged the pagodas, echoing Bam-Bam Bhole

उप्र के सभी शिव मंदिरों में जिला व पुलिस प्रशासन ने दर्शन पूजन के किए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं

(ब्यूरो रिपोर्ट)

Lucknow news today । श्रावण मास के चौथे सोमवार को उत्तर प्रदेश के शिव मंदिरों में भक्तों को रैला उमड़ा। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के भोर पहर से ही सभी शिवालयों में बम-बम भोले…, हर-हर महादेव… की गूंज से गुंजायमान है और भक्तों की भीड़ दर्शन पूजन को लालायित है। यह नजारा उप्र के समस्त जनपदों में देखा जा रहा है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, मीरजापुर, बहराइच, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा आदि सभी जनपदों में शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब देखा जा रहा है।
लखनऊ के शिव मंदिरों में प्रमुख मनकामेश्वर मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर, कोनेश्वर महादेव गोमती तट, बुद्धेश्वर महादेव, बड़ा शिवाला रानी कटरा आदि में भोर के समय मुख्य पुजारियों द्वारा भगवान शंकर का श्रृंगार पूजन कर भक्तों के दर्शन के लिए पट खोल दिए गए। भक्तों ने दूधाभिषेक, जलाभिषेक कर भगवान शंकर की पूजा अर्चना की और मनोकामना मांगी। श्रावण मास के चौथे सोमवार को देखते हुए शिव मंदिरों में सुरक्षा के जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा रविवार को ही पुख्ता बंदोबस्त कर लिए गए थे। सीसीटीवी कैमरों से भी आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस कर्मी सादी कपड़ों में भी मंदिरों में संदिग्धों पर निगरानी के लिए लगाए गए हैं। वहीं लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के कर्मी भी मंदिरों के आसपास पर नजरें बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के सभी शिव मंदिरों और श्रावण मास में कांवड़ियों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की हैं। भक्तों को दर्शन पूजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए मंदिरों में बैरीकेटिंग लगाई गई है और भक्तों को कतारबद्ध दर्शन कराएं जाने का दौर जारी है। पंडित दिनेश त्रिपाठी ने बताया की इस बार श्रावण मास में विशेष योग बने हैं। इसमें भगवान शंकर के शिवलिंग पर दूध, शहद, दही, तिल, गंगा जल, बेलपत्र, धतूरा, कमल का फूल, चंदन आदि से पूजन का व्यक्ति के जीवन में लाभ मिलता। सावन के सभी सोमवार को पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना का भक्त की सभी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। गंगा स्नान कर जो लोग भगवान का जलाभिषेक या दूधाभिषेक करते हैं, उनकी भी सभी कामनाएं भगवान पूर्ण करते हैं।

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