मध्यप्रदेश के शहडोल में चुनावी जनसभा में राहुल गांधी ने कही यह बड़ी बात

Rahul Gandhi said this big thing in the election rally in Shahdol, Madhya Pradesh.

Mp news today । कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के शहडोल में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। एमपी के शहडोल पहुंचे राहुल गांधी ने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पिछले 18 साल से किसान आत्महत्या कर रहे हैं भ्रष्टाचार पर बे लगाम है और आदिवासियों के अपमान का बोझ उठा रही है लेकिन अब और यहां ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि आगे आने वाले चुनाव में मध्य प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को करारा जवाब देगी।

जनसभा में कही यह बड़ी बात

जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सरकार को 90 अफसर चलाते हैं कैबिनेट सेक्रेटरी चलाते हैं और भारत सरकार के सचिव चलाते हैं हिंदुस्तान सरकार का कोई भी निर्णय हो छोटे से छोटा निर्णय और बड़े से बड़ा निर्णय मनरेगा कैसे बनेगा आदिवासी बिल कैसे बनेगा डिफेंस का पैसा कैसे खर्च किया जाएगा यह सारे के सारे निर्णय अंत में यह 90 अफसर ही दस्तखत करके निर्णय लेते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक नहीं करते हैं कैसे प्रयोग किया जाए बजट का कैसे प्रयोग किया जाएगा हिंदुस्तान में जो जीएसटी का पैसा गरीबों से छीना जा रहा है वह पैसा कैसे इस्तेमाल होगा यह 90 अफसर ही तय करते हैं । राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में कहा था कि 90 अफसर में से तीन अफसर ओबीसी वर्ग से है इस पर उन्होंने कहा था कि पूरा जो बजट है इसमें से सिर्फ 5% बजट पिछड़े वर्ग के अफसर तय करते हैं अगर हिंदुस्तान के सरकार ₹100 खर्च करती है तो ओबीसी वर्ग के अवसर₹5 का निर्णय लेते हैं।

सुनिए जनसभा में दिया सम्बोधन

आदिवासी अफसरों को लेकर कही यह बात

जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर हिंदुस्तान की सरकार ₹100 खर्च करती है और पिछड़ा वर्ग के अफसर ₹5 का निर्णय लेती है तब आदिवासी अफसर कितने रुपए का निर्णय लेती है यह सुनकर आप चौंक जाएंगे । उन्होंने कहा कि अफसर हमारे देश को चलते हैं हिंदुस्तान की सरकार ₹100 खर्च करती है तो आदिवासी अफसर सिर्फ 10 पैसे का निर्णय लेते हैं यह बहुत ही शर्म की बात है । यह आदिवासी वर्ग का अपमान है।

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