
Lucknow news today । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीनस्थ नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एन0एस0एस0ओ0), अधीनस्थ आंचलिक कार्यालय लखनऊ के सहयोग से 20 नवम्बर, 2024 को, “फसल सांख्यिकी सुधार योजन के अन्तर्गत डी0जी0सी0ई0एस0 वेव/मोबाईल एप्लीकेशन के पर्यवेक्षण मॉड्यूल” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मुख्य अतिथि मनोज कुमार, उप महानिदेशक आंचलिक कार्यालय लखनऊ तथा विशिष्ट अतिथि डॉ0 सुचिता गुप्ता, उप महानिदेशक क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ एवं नितिका गुप्ता, उप महानिदेशक मुख्यालय फरीदाबाद की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। उक्त कार्यशाला के अन्तर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग, उ0प्र0 के चार क्षेत्रीय कार्यालयों के निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी तथा कृषि मंत्रालय भारत सरकार के विषय -विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के अवसर पर मनोज कुमार, उप महानिदेशक द्वारा प्रतिभागी अधिकारियों का स्वागत करते हुये बताया कि कृषि सांख्यिकी योजना के अन्तर्गत फसल सांख्यिकी के सुधार के सम्बन्ध में एन0एस0एस0ओ0 की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में डीजिटल तकनीक के प्रयोग के माध्यम से फसल कटाई प्रयोगों के निरीक्षण में मोबाईल एप्लीकेशन का प्रयोग इत्यादि से सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
डॉ0 सुचिता गुप्ता द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये बताया गया कि इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक राज्य में यह निर्धारित किया गया है कि फसल आंकलन प्रणाली में सुधार के लिए प्रासंगिक, उपयोगी एवं यथोचित तरीको का पालन किया जाय ताकि कृषि सांख्यिकी की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। इस योजना के तहत राज्य कृषि सांख्यिकी प्राधिकरण के प्राथमिक कार्यकर्ताओं (पटवारी,करनाम आदि) द्वारा किये गये कार्य जैसे फसल क्षेत्र परिगणना एवं फसल कटाई का नमूना जांच केन्द्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के पर्यवेक्षीय अधिकारियों द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार लाना है।
नितिका गुप्ता द्वारा कार्यक्रम की उपलब्धियों के सापेक्ष में बताया गया कि डिजिटलीकरण के बढते युग में डाटा की प्रासंगिकता तभी है जब उसका गुणवत्ता संग्रहण, ससमय प्रसंस्करण एवं परिणाम जारी किये जायें। फसल कटाई प्रयोग निरीक्षण तकनीक में मोबाईल एप्लीकेशन के प्रयोग होने से फसल सांख्यिकी से सम्बन्धित आँकडों के संग्रहण में लगने वाले समय में कमी होने के साथ गुणवत्ता में वृद्धि अवश्य होगी। इसके साथ ही अधिक से अधिक फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण किया जा सकेगा और उसके सापेक्ष शीघ्र ही यथोचित उपलब्धियां प्राप्त की जा सकेंगी।

कार्यशाला के समापन अवसर पर संस्थान के अपर निदेशक बी0डी0 चौधरी द्वारा उपस्थित अधिकारियों प्रतिभागियों एवं कार्यशाला के आयोजन में सहयोग कर रहे समस्त अधिकारियों/कार्मिकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये बताया कि इस महत्वपूर्ण एक दिवसीय कार्यशाला में, प्रबुद्ध अधिकारियों द्वारा जो ज्ञानार्जन कराया गया है, उसको यथोचितरूप से अपने कार्यस्थल पर जाकर व्यवहारिकता प्रदान करने का कष्ट करेंगे। उक्त एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एवं प्रबन्धन कार्यक्रम प्रभारी आलोक कुशवाहा, सहायक निदेशक संस्थान द्वारा किया गया तथा सहायोग की दृष्टि से प्रतिमेश कुमार तिवारी, शोध सहयुक्त, विमल कुमार, आशुलिपिक तथा मो0 शहंशाह का सराहनीय योगदान रहा है।





