रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन में इस्लामी कलेंडर के रजब माह की सत्ताइसवीं रात को ‘शबे मेराजुन्नबी’ मनाया गया। लोगों ने घरों में फातिहा दिलाई और मुल्क में अमन और सुकून की दुआएं मांगी।
शहर काजी मौलाना साबिर ने बताया कि माहे रजब की 27वीं रात को नबी अकरम मेराज पर गए। उन्हें सातों आसमानों की सैर कराई गई। जन्नत (स्वर्ग) और दोजख (नर्क) दिखाई गई। इसी रात पैंगबरे इस्लाम को पांच वक्त की नमाजों का तोहफा मिला। नगर की मस्जिदों में शब-ए-मेराज शरीफ की महफिलें सजाई गईं। कुरआन की तिलावत मस्जिदों और घरों में हुई। नफ्ली रोजे के लिए सेहरी भी खाई गई। पूरी रात इबादते इलाही और जिक्र-ए-नबी से गुलजार रही। नबी-ए-पाक पर सलातो सलाम भी झूम कर पढ़े गए। उलेमाओं ने बताया कि इस्लाम में शब-ए-मेराज की रात की बड़ी फजीलत (खूबी) है। जो इंसान इस रात अल्लाह की इबादत करता है और कुरान की तिलावत (पढ़ना) करता है, उसे कई रातों की इबादत करने वाले के बराबर सवाब मिलता है। इस रात को खास नमाज़ और नबी पर दूरूद (सलाम) पढ़ा जाता है।





