ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से वर्ष 2015 में पुल दरक चुकी थी बीम, तब छह माह तक पुल से आवागमन रहा था बाधित
(ब्यूरो रिपोर्ट)
Kalpi / jalaun news today । जालौन जनपद के कालपी में एनएचएआई ने पुराने यमुना पुल के संरक्षण पर ध्यान नही दिया तो आवागमन खतरे में पड़ सकता है। पुल की अंतिम कोठी का जोड़ पूरी तरह से खुल गया है जिसे जल्दी ही दुरुस्त नही कराया गया तो उसके बजूद पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
विदित हो कि लगभग 4 दशक पूर्व यमुना नदी पर 870 मीटर लम्बाई के पुल का निर्माण हुआ था। उस समय वाहनों की संख्या तो कम थी साथ ही वाहनों में ज्यादा भार ढोने की क्षमता नहीं थी लेकिन समय के साथ वाहनों में भार बढ़ता गया और 2012 के बाद तो ट्रक मानक से कई गुना अधिक खनिज लादकर फरार्टा भरने लगे जिसकी वजह से वर्ष 2015 में पुल की बीम दरक गयी थी जिससे लगभग 6 माह के लिए आवागमन बाधित हो गया था हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने उसे दुरुस्त करा दिया था लेकिन एन एच ए आई ने ओवरलोड तथा भारी वाहन गुजारने से इनकार कर दिया लेकिन ऐसा नही हो सका और बालू और गिट्टी से लदे ओवरलोड ट्रक दौड़ने लगे थे जो अभी भी जारी है जिसकी वजह से चार दशक पुराने पुल में गड़बड़ी आती रहती है आलम यह है कि इस पुल के जोड उखड रहे हैं जिसकी वजह से पुल में तकनीकी खामी आ रही है। दिव्यगोपाल श्रीवास्तव के अनुसार पुल की कई कोठियों में खामी आ गयी है जिन्हे अगर शीघ्र ही दुरूस्त नहीं किया गया तो आवागमन प्रभावित हो सकता है। नगर के मुहल्ला रामचबूतरा निवासी राकेश कुमार कहते कि जनपद कानपुर देहात क्षेत्र स्थित पुल की इस कोठी से ऐंगल टूट गये और सरिया भी दिखाई दे है। पुल और हाईवे के रखरखाव करने वाली कम्पनी भी उस ओर ध्यान नही जिससे पुल की है।
सर्विस रोड में भी हुए गड्ढे निकलना हुआ मुश्किल
नगर सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग की हालात पहले से ही गड़बड़ है। गड्ढों की वजह से शनिवार को गिट्टी भरा ट्रक पलट गया था जिससे आवागमन बाधित हो गया था और सर्विस रोड में भी गढढे हो गया है जिसमें पानी भर गया है जिससे लोगो का निकलना मुश्किल है लेकिन इस रोड के रख रखाव की जिम्मेदारी उठाए कम्पनी का ध्यान इधर नही है और न ही जनता को हो रही परेशानी का प्रशासन संज्ञान ले रहा है।






