रिपोर्ट बबलू सेंगर

E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Jalaun news today । जालौन क्षेत्र में हरी मटर की फली के दाम को लेकर किसान, व्यापारियों पर उनकी फली को कम दामों पर खरीदने और व्यापारी पैकेट में सही माल न होने का आरोप लगाते हैं। किसानों को हरी मटर की फली का सही मूल्य दिलाने के लिए एमएलसी रमा आरपी निरंजन ने डीएम से मांग की थी जिसका संज्ञान लेते हुए एडीएम शुक्रवार को मंडी में पहुंचे जहां उन्होंने मंडी सचिव और व्यापारियों के साथ वार्ता कर आवश्यक निर्देश दिए।
नगर में हरी मटर की फली की बड़े पैमाने पर खरीद की जाती है। इस खरीद में किसान और व्यापारी के बीच दामों को लेकर उलझन बनी रहती है। इसे लेकर एमएलसी रमा आरपी निरंजन ने किसानों को उनकी हरी मटर फली का उचित मूल्य न मिलने की शिकायत डीएम राजेश पांडेय से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि व्यापारी किसानों से 16 से 17 रुपये प्रति किलो हरी मटर की खरीद कर रहे हैं और बाजार में उसी फली को 25 से 30 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने फली की खरीद कम से कम 25 रुपये प्रति किलो कराने की मांग पत्र भेजकर की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने शुक्रवार को टीम गठित कर एडीएम योगेंद्र सिंह, एसडीएम हेमंत पटेल, ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक धीरपाल सिंह को जालौन मंडी में भेजा। जहां उन्होंने मंडी सचिव जालौन अंकित गुप्ता, मंडी कोंच से सोनू, कालपी से सतीश कुमार, कदौरा से रवि कुमार व माधौगढ़ से सचिन के अलावा हरी मटर के व्यापारी इकबाल मंसूरी, श्यामू गुर्जर, मोहम्मद रियाज, सुलेमान, दीदार, सीताशरण, प्रदीप कुमार, नरेंद्र, अवधेश आदि के साथ बैठक की। जहां व्यापारियों ने बताया कि किसान पैकेट में साफ फली कम लाते हैं। कभी कभार फली खराब भी होती है। पत्तियों की मात्रा भी अधिक होती है। इसके अलावा पोची फली भी आ जाती है। जिससे व्यापारियों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि किसान का माल देखकर फली का दाम निर्धारित किया जाए। इसके अलावा 20 रुपये प्रतिकिलो से कम में फली की खरीद न की जाए। साथ ही उन्होंने मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि हरी मटर की तौल पर पैनी नजर रखें। गांवों या अन्य स्थानों पर लगे कांटों की भी पड़ताल करें ताकि मंडी राजस्व को नुकसान न हो। इसके लिए टीम बनाकर निरीक्षण करते रहें। यह भी ध्यान रखें कि किसानों का शोषण न होने पाए।







