यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज की बैठक में मौजूद समाज के लोगों ने की बैठक,, यह की गई मांग

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन नगर के एक गेस्ट हाउस में यूजीसी कानून को लेकर सवर्ण समाज की बैठक ब्राह्मण एकता मंच के तत्वावधान में संपन्न हुई। जिसमें यूजीसी को काला कानून बताते हुए उसे पूर्ण रूप से हटाए जाने की मांग की गई।
यूजीसी कानून को लेकर चुर्खी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में ब्राह्मण एकता मंच के तत्वावधान व कृष्ण कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता व देवनारायण द्विवेदी की उपस्थिति में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डॉ. बीके द्विवेदी ने कहा कि यूजीसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का सवर्ण समाज स्वागत करता है, लेकिन न्यायालय ने यह रोक अगली सुनवाई तक ही लगाई है। इस मामले में 19 मार्च को अगली सुनवाई प्रस्तावित है। यदि 19 मार्च के बाद न्यायालय का निर्णय सवर्ण समाज के पक्ष में नहीं आता है, तो इस कानून के खिलाफ सवर्ण समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। उन्होंने इसे समाज के भविष्य से जुड़ा विषय बताते हुए सभी से सतर्क और संगठित रहने की अपील की। बैठक के संचालन के दौरान सतीश सिंह सेंगर ने कहा कि यदि सरकार में बैठे जनप्रतिनिधि और बड़े नेता इस कानून के विरोध में सवर्ण समाज के साथ खड़े नहीं होते हैं, तो ऐसे नेताओं का भी खुलकर विरोध किया जाएगा। अब समाज जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। डॉ. संजय शुक्ला ने कहा कि न्यायालय के फैसले का सभी को संयमपूर्वक इंतजार करना चाहिए। यदि निर्णय समाज के पक्ष में आता है तो सभी मिलकर खुशी मनाएंगे, लेकिन यदि फैसला प्रतिकूल रहा तो आगे की रणनीति बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। बैठक में उपस्थितजनों वक्ताओं ने यूजीसी कानून को समाज के हितों के विपरीत बताते हुए इसे वापस लिए जाने की मांग की। बैठक में रामनरेश तिवारी, पम्मू महाराज, ब्रजेश तिवारी, राजा भैया, संजय शुक्ला, सिंटू द्विवेदी, ओम पचौरी, श्यामजी गोस्वामी, सुशील तिवारी, कुनाल श्रीवास्तव, राघवेन्द्र नगाइच, मलखान सिंह सेंगर, वीरेंद्र चौहान, मोहन बाजपेई, रामकुमार चतुर्वेदी, विष्णु चतुर्वेदी, मनु सेंगर, दिनेश लोहिया आदि मौजूद रहे।