जालौन के इस गांवमें चल रही भागवत कथा में भक्तों ने सुनी यह कथा

रिपोर्ट बबलू सेंगर


Jalaun news today । शीतला देवी मंदिर धनौरा कलां में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भागवताचार्य पंडित सुशील शुक्ला ने रूकमणि विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के श्रवण के लिए उपस्थित भक्तों ने भक्ति रस में सराबोर होकर कथा का आनंद लिया।
भागवताचार्य पंडित सुशील शुक्ला ने रूकमणि विवाह की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि रूकमणिजी भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त थीं और उनका हृदय पूर्ण रूप से श्रीकृष्ण में समर्पित था। जब रूकमणिजी का विवाह शिशुपाल से तय कर दिया गया, तब उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपनी व्यथा प्रकट की। श्रीकृष्ण ने भक्त की पुकार सुनते हुए रूकमणि का हरण कर उनसे विवाह किया। बताया कि भगवान के प्रति सच्ची भक्ति और विश्वास कभी व्यर्थ नहीं जाता है। भगवान अपने सच्चे भक्त की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और भक्ति के मार्ग पर चलने वाला कभी निराश नहीं होता। कथा के दौरान जैसे ही रूकमणि विवाह का प्रसंग आया, पूरा परिसर भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर रामनरेश, शिवकुमार, अशोक, राजेश, शांति देवी, सुनीता देवी, राधा देवी आदि मौजूद रहे।

बालाजी हनुमान मंदिर में भक्तों ने ली यज्ञ स्थल की परिक्रमा

Jalaun news today ।जालौन के पेट्रोल टैंक स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर पर आयोजित नवकुंडीय श्रीराम महायज्ञ व भागवत कथा के दौरान भक्तों ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा की और भागवत कथा को सुना। रात में ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया।
श्रीरामलीला महोत्सव में श्रीभैरवजी रामलीला व नाट्य मंडल के कलाकारों ने ताड़का वध की लीला मंचन कर लोगों का मन मोह लिया। यज्ञाचार्य अमित तिवारी ने विधि विधान से श्रीसीताराम महायज्ञ में आहूति दिलायी। कार्यक्रम के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित अंकित पचौरी ने कहा कि भागवत कथा समाज का दर्पण है। भागवत कथा सुनकर मन व आत्मा तृप्त हो जाती है। सत्संग के माध्यम से लोग अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। सत्संग के माध्यम से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन व वस्त्रों की है उतनी ही आवश्यकता सत्संग की भी है। समाज को सही दिशा व ज्ञान भागवत कथा के द्वारा ही होता है। कलयुग में साक्षात परमात्मा का दर्शन एवं साक्षात्कार श्रीमद भागवत कथा महापुराण है। इस मौके पर पुजारी कमलेश महाराज, पुष्पा देवी, रुद्रप्रताप सिंह गुर्जर, प्रेमबाबू शर्मा, किशोरी देवी, निखिल अग्रवाल, अंजनी श्रीवास्तव, भगवानदास गुप्ता, रामसनेही, शैलजा, आलोक शर्मा, रानू, रविंद्र, राधेश्याम, वीरेंद्र, विजय, हरीबाबू, संतोष कुमार, अशोक आदि मौजूद रहे।