जालौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू नही हो सकी अल्ट्रासाउंड की सुविधा,यह है बड़ी वजह

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर वर्ष 2025 में अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध करा दी गई थीं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति न होने के कारण अधिकांश केंद्रों पर अब तक सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इससे मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जनपद की पांचों तहसीलों में कम से कम एक-एक रेडियोलॉजिस्ट अथवा प्रशिक्षित चिकित्सक की तैनाती आवश्यक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अभाव में लाखों रुपये की मशीनें उपयोग में नहीं आ पा रहीं, जिससे सरकारी संसाधनों का समुचित लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है।

वर्तमान में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां एक जांच के लिए लगभग पांच हजार रुपये तक खर्च करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह राशि वहन करना कठिन साबित हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में अल्ट्रासाउंड जांच को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में इसका सरकारी स्तर पर सुचारु संचालन जनहित में जरूरी है।

समाजसेवी मोहम्मद अशफाक राईन ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि जनपद जालौन की पांचों तहसीलों में एक-एक विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति सुनिश्चित कर अल्ट्रासाउंड मशीनों को शीघ्र संचालित कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।