माह ए रमजान : मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कही यह बात,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । रहमतों व बरकतों का महीना माह-ए-रमज़ान चल रहा है। रमजान माह की फजीलत को लेकर मुस्लिम धर्मगुरूओं ने इसे बरकत और सब्र का महीना बताया है। साथ ही इस महीने को इबादत का सबाव बढ़ाने वाला भी बताया है।
शहर काजी मौलाना साबिर बताते हैं कि रमज़ानुल मुबारक का महीना बड़ी ही रहमतों व बरकतों का महीना है। रमज़ान के महीने में अल्लाह अपने बंदों की हर नेकी को सत्तर गुना ज्यादा बढ़ा देता है। पूरे रमज़ान माह में अल्लाह शैतान को कैद कर देता है। जिससे कि वह उसके बंदों इबादत में खलल पैदा न कर सके।
मौलाना सुल्तान अहमद कहते हैं कि इस्लाम के पांच फर्ज अरकानों में रमज़ानुल मुबारक के रोज़े तीन अशरों यानी दस दस दिनों के तीन भागों में बंटा होता है। रमज़ान का पहला अशरा रहमत का होता है। जिसमें बंदा अपने रब से रहमत की दुआएं मांगता है। दूसरा मगफ़िरत का जिसमें बंदा अपने गुनाहों की माफी तलब करता है। वहीं रमज़ान का तीसरी व आखिरी अशरा जहन्नम की आग से निजात का होता है।