लखनऊ के सरोजनी नगर में गढ़ी जा रही विकास की नई परिभाषा

Lucknow news today ।राजधानी लखनऊ के सरोजिनी नगर विधानसभा में विकास की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है, जहां बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल ‘ग्रीन शिफ्ट’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उनका ‘नेट जीरो सरोजिनी नगर’ का विजन आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित “द ग्रीन शिफ्ट – डिफाइनिंग द फ्यूचर फॉर इंडस्ट्री एंड MSME” कार्यक्रम में उद्योग जगत और एमएसएमई सेक्टर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में टिकाऊ औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा देना, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना और एमएसएमई सेक्टर को नेट जीरो के अनुरूप सक्षम बनाना शामिल है। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए ‘ग्रीन शिफ्ट’ को अपनाना अनिवार्य हो गया है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़े। उन्होंने क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी, प्रदूषण नियंत्रण और पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी उल्लेख किया।अभियानों के माध्यम से लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे एक पेड़ अपने परिवार, क्षेत्र, राज्य और देश के नाम अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें।

गौरतलब है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध लखनऊ अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। सरोजिनी नगर में चल रही यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनभागीदारी के साथ इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे, तो क्षेत्र को ‘ग्रीन सरोजिनी नगर’ बनने से कोई नहीं रोक सकता।