शिकायत सही मिलने पर मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने बताई गुणवत्ता में भारी अनियमितताएं
ब्यूरो रिपोर्ट

Kalpi / jalaun news today । प्राचीन एवं विश्वविख्यात महर्षि वेदव्यास मंदिर, शेखपुर बुल्दा में पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे कटानरोधी बोल्डर पिचिंग कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। तहसील समाधान दिवस में की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समाधान दिवस प्रभारी एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मौके पर भेजा और विस्तृत जांच आख्या तलब कर ली है।
जांच टीम ने स्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान प्रशासक पवनदीप निषाद, पूर्व प्रधान उमाशंकर निषाद, एडवोकेट रामजी रामसखा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं से अवगत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि कटानरोधी कार्य में लगाए जा रहे बोल्डर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं तथा कार्य की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर तकनीकी मानकों की अनदेखी सामने आने की बात कही गई। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि यदि समय रहते गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान यमुना नदी के तेज बहाव से पूरी संरचना प्रभावित हो सकती है, जिससे ऐतिहासिक वेदव्यास मंदिर परिसर को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कार्य कई बिंदुओं पर मानक के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद टीम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था से आवश्यक अभिलेख और जानकारी मांगी। अब जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी। महर्षि वेदव्यास मंदिर धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवालों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा सरकारी धन का दुरुपयोग रोकते हुए निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा मामले में त्वरित संज्ञान लेकर जांच कराए जाने से ग्रामीणों में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।







