रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन कोतवाली परिसर में रविवार को परिवार परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए जालौन सर्किल क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सर्किल स्तर पर परिवार परामर्श केंद्र शुरू होने से जालौन, कुठौंद और सिरसा कलार क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। यहां पति-पत्नी के विवाद समेत पारिवारिक मामलों में काउंसलिंग के माध्यम से आपसी सहमति और समझौते का प्रयास किया जाएगा।
कोतवाली परिसर में परिवार परामर्श केंद्र खोला गया है। जिसका शुभारंभ एसपी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में काउंसर व रिटायर्ड बीडीओ प्रीति भसीन, राजेंद्र सिंह भदौरिया व डॉ. अवध किशोर त्रिवेदी द्वारा फीता काटकर किया गया। एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक परिवार परामर्श केंद्र की सुविधा मुख्य रूप से जिला मुख्यालय पर उपलब्ध थी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को पारिवारिक विवादों की काउंसलिंग के लिए जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था। इससे उनका समय और धन दोनों खर्च होता था। कई बार दूरी के कारण लोग अपनी समस्या लेकर वहां तक पहुंच भी नहीं पाते थे। अब सर्किल स्तर पर ही परिवार परामर्श केंद्र शुरू किए जाने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि परिवार में छोटे-छोटे विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में काउंसलिंग के माध्यम से पति-पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। केंद्र का उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाने के साथ ही विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराना है। केंद्र पर प्रशिक्षित काउंसलरों की टीम भी उपलब्ध रहेगी। इस मौके पर सीओ अजय सिंह, कोतवाल हरिशंकर चंद, इंस्पेक्टर क्राइम विवेक मौर्य, एसएसआई एवं प्रभारी मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी संजय कुमार यति, परामर्श केंद्र की सहायक एसआई मधु देवी आदि रहे। उद्घाटन के साथ ही केंद्र पर पहले मामले की काउंसलिंग भी की गई। मोहल्ला चुर्खीबाल निवासी रागिनी पत्नी अमित दुबे की ओर से दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर रागिनी और उनके पति अमित दुबे की काउंसलिंग की गई। दोनों पक्षों को सुना गया और मामले के समाधान के लिए आवश्यक सलाह दी गई। काउंसलिंग की अगली तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है।
जालौन में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया पीड़िता को न्याय
जालौन। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट जालौन निकिता सिंह द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित कर, पीड़िता को न्याय दिया गया। पीड़िता साधना द्वारा सन 2019 में घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत परिवाद दायर किया था। जिसमें पीड़िता की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार यादव ने उसका पक्ष रखा। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य लेकर, अधिवक्ताओं के तर्क सुनकर गुण-दोष के आधार पर पीड़िता का पक्ष सही साबित होने पर निर्णय दिया किया। माननीय न्यायालय ने पीड़िता के पति शिवप्रताप सिंह को अपनी पत्नी को 8000 रुपये प्रतिमाह, भरण पोषण एवं 3000 रुपये प्रतिमाह आवासीय सुविधा के लिए देने को आदेशित किया।
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