माधौगढ़ तहसील परिसर बना तालाब, 10 दिन से जलभराव फरियादी, कर्मचारी, अधिकारी परेशान

पांच वर्षों से बरसाती मौसम में जलभराव की समस्या बनी

ब्यूरो रिपोर्ट

माधौगढ़ (जालौन)। बारिश थमने के करीब 10 दिन बाद भी माधौगढ़ तहसील परिसर में जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। तहसील परिसर में जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से यहां आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लोगों को अपने जरूरी काम के लिए पानी के बीच से होकर कार्यालयों तक पहुंचना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण अब उसमें बदबू आने लगी है और कीड़े भी पनपने लगे हैं।
तहसील में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और राजस्व संबंधी कार्य लेकर पहुंचते हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों के लिए परिसर में जमा पानी परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पानी के बीच से निकलने में विशेष दिक्कत हो रही है। वहीं, अधिवक्ताओं और तहसील कर्मचारियों को भी रोजाना इसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

पांच साल से बनी हुई है समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार माधौगढ़ तहसील परिसर में जलभराव की समस्या पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार बनी हुई है। हर वर्ष बरसात के दौरान तहसील परिसर में पानी भर जाता है और बारिश बंद होने के बाद भी कई दिनों तक पानी जमा रहता है। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यह समस्या सामने आती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति सामान्य होने पर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके चलते अगले साल बारिश होने पर फिर वही समस्या खड़ी हो जाती है। इस बार भी करीब 10 दिन से परिसर में पानी जमा है।

गंदे पानी से संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा

कई दिनों से जमा पानी अब दूषित होने लगा है। पानी से दुर्गंध उठने के साथ ही कीड़े पनपने लगे हैं। इससे तहसील परिसर में आने वाले लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों एवं अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।

स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग

फरियादियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में जमा पानी की निकासी कराने की मांग की है। साथ ही लोगों का कहना है कि केवल इस बार पानी निकालने से समस्या का समाधान नहीं होगा। भविष्य में जलभराव रोकने के लिए नालियों की सफाई और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था कराई जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पांच वर्षों से चली आ रही समस्या के बावजूद यदि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो प्रत्येक बरसात में तहसील परिसर इसी तरह तालाब में तब्दील होता रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बार जलभराव की समस्या से निपटने के साथ-साथ स्थायी जल निकासी की दिशा में क्या कदम उठाता है।

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