नवरात्र के सातवें दिन भक्तों ने की माँ कालरात्रि की पूजा,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। घरों में बोए गए जवारों की झांकी को दर्शनों के लिए खोला गया।
नगर व ग्रामीण क्षेत्र में नवरात्र का पर्व श्रृद्धा व विश्वास के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्र की सप्तमी तिथि को महाशक्ति मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। साध्वी हर्षिता किशोरी ने बताया कि मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां दुर्गा के कालरात्रि रूप का अवतार असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए हुआ था। इनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत भयानक है, मगर वह सदैव अपने भक्तों को शुभ फल प्रदान करती हैं। मां कालरात्रि की पूजा करने से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। नगर के कोतवाली रोड स्थित काली माता मंदिर पर सुबह से ही श्रृद्धालुओं ने पहुंचकर माता काली को गुड़हल के पुष्प अर्पित कर कलश पूजन किया। इसके बाद दीपक जलाकर रोली, अक्षत से तिलक कर पूजा अर्चना की। इसके अलावा नगर क्षेत्र के छोटी माता मंदिर, बड़ी माता, छटी माता, संतोषी माता, शीतला माता मंदिर, उरई रोड भिटारा में स्थित मनोकामनापूर्ण सिद्ध देवी पीठ भिटारा, पहाड़पुरा स्थिति कामांक्षा देवी मंदिर आदि मंदिरों पर मां की पूजा अर्चना की गई। वहीं, भक्तों के घरों में बोए गए जवारे की झांकी दर्शनों के लिए खोली गई। मां के अभिषेक के साथ पूजा कर का प्रसाद वितरण किया गया।