रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर में महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान पंडित अरविंद वाजपेयी के सानिध्य में शरद पूर्णिमा की कथा सुनाई गई। महिलाओं ने कथा श्रवण कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
पंडित अरविंद वाजपेई ने कथा का श्रवण करते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा की कथा का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन चंद्रमा की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। इसी मान्यता के चलते इस पर्व को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। श्रद्धालु इस दिन मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं इस मौके पर पुष्पा राठौर, जानकी देवी, ऊषा राठौर, रामकेश, वंदना, नविता, वर्षा, कंचन और विनीता आदि रहीं।






