(ब्यूरो रिपोर्ट )

Auraiya news today । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद की जिलाधिकारी नेहा प्रकाश के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सर्पदंश की घटनाओं को रोकने के दृष्टिगत उससे होने वाले नुकसान और बचाव हेतु एडवाइजरी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) महेंद्र पाल सिंह ने एडवाइजरी के माध्यम से जनपद वासियों से अपील की है कि सर्पदंश से बचाव व उसके लक्षण के विषय में जानकारी प्राप्त कर स्वयं बचें एवं दूसरे को भी बचाने का कार्य करें तथा साथ ही एक दूसरे को जागरूक कर जनहानि की घटना को कम करने का प्रयास करें ।
सर्प दंश की घटना होने पर तुरन्त क्या करें-
- काटे गये जगह को साबुन व पानी से घोए
- काटे हुए अंग को हृदय के लेवल से नीचे रखें ?
- सर्पदंश वाले अंग को स्थिर (फिक्स) करें।
- घायल व्यक्ति को सांत्वना दे, घबराहट से हृदय गति तेज चलने से रक्त संचरण तेज हो जायेगा और जहर सारे शरीर में जल्द फैल जयेगा।
- तुरंत बड़े अस्पाताल ले जाए ।
- यदि जहरीले सर्प ने काटा है तो एंटी स्नैक वैनम का इजेक्शन डाक्टर से लगवाएं ।
क्या न करें ।
-बर्फ अथवा अन्य गर्म पदार्थ का इस्तेमाल काटे गये स्थान पर न करें।
-सर्प से प्रभावित व्यक्ति के कटे स्थान पर टुर्निकेट न बॉधे । इससे संबंधित अंग में रक्त प्रवाह पूरी तरह रूक –सकता है एवं संबंधित अंग की क्षति हो सकती है।
- काटे गये स्थल पर चीरा न लगाए । यह आगे नुकसान पहुचाता है।
-घायल को चलने से रोके ।
-शराब/नींद आने की कोई दवा नहीं दें।
-मुंह से कटे हुये स्थान को न चुसे ।
-मंत्र या तांत्रिक के झांसे में न आये।
-भय एवं चिन्ता न करें सभी सॉप जहरीले नहीं होते है। - सभी जहरीले सॉपों के पास हर समय पूरा जहर नही होता अगर पूरा जहर हो तो भी वो इसका लिथल डोज हमेशा प्रवेश नहीं करा पातें है।




