धनतेरस पर दो वर्षों बाद आई व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान,,, लगभग इतने का हुआ व्यापार


लखनऊ,। पिछले दो वर्षों से सुस्त चल रहे धनतेरस के त्योहार ने इस बार व्यापारियों के चेहरों पर खुशी ला दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार धनतेरस पर बाजार में धन की खूब बरसात हुई। राजधानी में एक दिन में करीब 300 करोड़ का कारोबार हुआ है। इससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम पहुंचे ग्राहकों ने जमकर खरीददारी की। शाम को बाजार में इतनी भीड़ हो गई कि पैर रखने तक के लिए जगह नहीं थी। त्योहार को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इस बार सादी वर्दी में भी पुलिस के जवान बाजारों में तैनात रहे। दीपावली की शुरुआत शनिवार को धनतेरस से हो गयी है। धनतेरस की खरीदारी के लिए सुबह में ही बाजार सज गए। देर रात तक लोगों ने खरीदारी की।

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एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा लोग सराफा और ऑटो मोबाइल शॉप पर नजर आए। इसके अलावा मोबाइल, कपड़े और बतर्न की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। दो दिन के इस पर्व को कारोबारी अपने लिए तोहफा मान रहे हैं। तमाम कारोबारियों को रिकॉर्ड बिक्री का अनुमान है। धनतेरस पर बतर्न खरीदने का चलन सबसे ज्यादा है। ऐसे में लखनऊ के यहियागंज से लेकर गोमतीनगर बाजार पूरी तरह सजे नजर आाये। बड़े बाजारों के अलावा कूपरथला, गोमती नगर, महानगर, तेलीबाग, आशियाना इलाके के लोकल माकेर्ट में दीपावली की खरीदारी के लिए शाम को बाजारों में अचानक भीड़ बढ़ने लगी। दिनभर अपने कामकाज निपटाने के बाद शाम को लोगों ने बाजारों का रुख किया। दूधिया रोशनी से नहाए राजधानी के बाजारों में देर रात तक खरीदारों की भीड़ थी। 2 साल तक कोविड की वजह से सुनसान पड़े बाजार ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहे। बिक्री काफी ज्यादा होने की उम्मीद है। पिछले कई दिनों से डिमांड में चले रहे तांबे के बतर्न धनतरेस के दिन भी लोगों की पहली पंसद बना हुआ है। तांबे से बने थमर्स की काफी डिमांड है, हालांकि इसका रेट 600 से 1200 तक था। इसके अलावा किचन में इस्तेमाल होने वाले सामान भी ज्यादा बिक रहे हैं। सबसे बेहतर कारोबार इलेक्ट्रानिक और सराफा बाजार का हो सकता है। सोना और चांदी सस्ते होने की वजह से डिमांड रहेगी।

आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा रहा संतोषजनक व्यापार

आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों से व्यापार कोबिड की बजह से बहुत ही सुस्त चल रहा था और दो वर्ष के बाद इस बार धनतेरस पर व्यापार संतोषजनक रहा।

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