रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र के खनुआं स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित पवन द्विवेदी ने भक्तों को भागवत कथा के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों के संकट हरकर उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा व्यास ने राजा परीक्षित और शुकदेव मुनि के संवाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब राजा परीक्षित को अपने जीवन के सात दिन शेष रहने का ज्ञात हुआ, तब उन्होंने समस्त सांसारिक मोह त्याग कर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया और मोक्ष को प्राप्त किया। यह प्रसंग हमें यह सिखाता है कि जीवन क्षणभंगुर है और हमें सदैव धर्म, सत्कर्म और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि इस ग्रंथ का श्रवण मात्र ही जीवन के समस्त कष्टों को दूर करने वाला होता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जो हमें धर्म, भक्ति और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस धार्मिक आयोजन में पारीक्षित संतराम निरंजन, सीताशरण निरंजन धनौरा, पर्वत सिंह, रामलला दुहौलिया, रामशरण उदैनिया, लला निरंजन, राजू याज्ञिक, महेंद्र सिंह निरंजन, मुन्ना लंबरदार आदि मौजूद रहे।