(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। यह बात श्रीशनि धाम पर आयोजित नवकुंडात्मक रूद्र महायज्ञ एवं भागवतकथा में कथा व्यास आचार्या शुभम साध्वी ने कही।
गूढ़ा न्यामतपुर के पास स्थित श्रीशनिधाम पर आयोजित नवकुंडात्मक रूद्र महायज्ञ एवं भागवत कथा में कथा व्यास आचार्या शुभम साध्वी ने कहा कि भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। गुरू की महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि गुरूकी महत्ता हमारे जीवन में अनुपम है क्योंकि गुरू के बिना हम जीवन का सार ही नहीं समझ सकते हैं। लेकिन हमेशा इस बात का सदैव ही ध्यान रखना चाहिए कि गुरू के समक्ष चंचलता नहीं करनी चाहिए। जितनी आवश्यकता है उतना ही बोलें और जितना अधिक हो सके गुरू की वाणी का श्रवण करें। कहा कि संतो का सत्संग करते समय यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें कोई बीमारी नहीं आएगी, हमारा परिवार खुशहाल रहेगा या फिर हमारा व्यापार अच्छा चल जाएगा, यह तो प्रारब्ध होता है जो इस दुनिया में आया है उसे एक दिन जाना ही है। जब लाभ होता है तो हानि भी निश्चित होती है। सत्संग तो जीवन की धारा बदल देता है जिसमें आप ज्ञान और भक्ति की धारा में बहने लगते हैं। यज्ञाचार्य मिथलेश महाराज ने संसार में सुख और शांति के लिए हवन कुंड में आहूतियां दिलाईं। इस मौके पर भूपेश बाथम, रामजी, मोनू, सौरभ, अनिल कुमार, कल्लू, दिव्याशु, दीपक, शैलजा, मोहिनी, सुषमा आदि भक्त मौजूद रहे।
-जालौन। श्रीशनिधाम गूढ़ा न्यामतपुर में चल रहे धार्मिक आयोजनों में दिनांक तीन मार्च दिन रविवार को सायं चार बजे गोवर्धन महंतपुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य अनंत श्रीविभूषित जगद्गुरू अधोसजानंद देवतीर्थ महाराज का आगमन होगा। यह जानकारी पुजारी बृजेश महाराज ने दी है।





