रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । पूरे संसार में किसी को भी भरत जैसा भाई मिलना असंभव सा है। जिसकी कथनी व करनी में फर्क न हो वही श्रेष्ठ राजा होता है। यही बात प्रशासक पर भी लागू होती है कि वह जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर शासन चलाए। यह बात श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर में आयोजित 35 दिवसीय धार्मिक आयोजन के तृतीय चरण में चल रही श्रीराम कथा के पांचवे दिन श्रोताओं से कहीं।
उरई मार्ग पर स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर परिसर में साप्ताहिक श्रीराम कथा के आयोजन के जिसके पांचवें दिन कथा वाचक पंडित ब्रजमोहन दीक्षित ने कहा कि जिसकी कथनी व करनी में फर्क न हो वही श्रेष्ठ राजा होता है। यही बात आज के समय में प्रशासक पर भी लागू होती है। कहा कि जो कैकई माता भरत जैसे संत की मां हो, प्रभु राम की अति प्रिय मां हो वह संसार में निंदनीय कैसे हो सकती है। प्रभु राम की ही मर्जी के अनुसार ही उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए राजा दशरथ से दो वरदान मांगे। वरदान मांगने के बाद समाज में लोग उनकी निंदा करेंगे उनको बुरा भला कहेंगे, यह जानते हुए भी उन्होंने संसार की भलाई चाही। वहीं, भरत ने भी भ्रात प्रेम में राम की चरण पादुका को सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी कमलेश महाराज,पवन , अमित, श्रीकांत, विवेक, भरत, अभय, आदित्य, सचिन, ऋषभ, गौरव, नीलेश आदि ।





