भागवत कथा में भागवताचार्य ने सुनाई यह कथा,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन के क्षेत्रीय ग्राम उदोतपुरा में हनुमानजी मंदिर पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास पंडित बृजेश शास्त्री ने सुदामा चरित का वर्णन किया।
कथा के समापन पर भागवताचार्य पंडित बृजेश शास्त्री ने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता सांसारिक स्वार्थ से परे थी। सुदामा निर्धन होने के बावजूद अपने मित्र श्रीकृष्ण से कभी कुछ मांगने नहीं गए, बल्कि उनके मन में केवल प्रेम और श्रद्धा थी। उन्होंने बताया कि जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारका पहुंचे तो श्रीकृष्ण ने उन्हें राजसी सम्मान दिया और अपने मित्र के चरण धोकर आदर्श मित्रता का उदाहरण प्रस्तुत किया। सुदामा का जीवन सिखाता है कि सच्ची मित्रता धन, वैभव और पद से नहीं बल्कि निःस्वार्थ भाव और विश्वास से होती है। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से कुछ मांगे बिना ही उनकी गरीबी को दूर कर दिया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुदामा चरित के प्रसंग सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं और पूरे पंडाल में जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे। इस मौके पर बुद्ध सिंह चौहान, जगदेव सिंह, विजय सिंह, गजेंद्र सिंह चौहान, बलराम सिंह, भगवानदास मिश्रा, सुरेश पचौरी, गिरजाशंकर खरे, धीरज तोमर, शंकर सिंह, इंद्रपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, सुमित राजावत, अतरसिंह, विजय सिंह, प्रयाग सिंह, राधे सिंह, कल्लू प्रधान, मंगल सिंह, भज्जू खरे, सुखवीर सिंह, सुखदेव सिंह, दीपेश चौहान, शीलू चौहान, भीम राजावत, धरमान सिंह, जगत सिंह, सावित्री देवी, मुन्नी देवी, दीपशिखा तोमर, अर्चना सिंह, रमन देवी, रानी सिंह, ग़ौरी देवी, कंचन सिंह, ममता सिंह, शिखा सिंह आदि रहे।