जज ने कहा- दोषी ने पशुओं से ज्यादा निंदनीय काम किया, इसे तब तक लटकाए रखा जाए जब तक इसकी मौत न हो जाए*
(अमित चतुर्वेदी)

Auraiya news today । औरैया में 8 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनाते हुए जज ने कहा, ” आरोपी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक मौन हो जाए। पुरुषों की उत्पत्ति महिलाओं से होती है। दोष का कृत्य पशुओं से जायदा निंदनीय है। “
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जज ने आगे कहा, “लड़कियां यदि खुले में नहीं घूम सकतीं तो फिर उनके लिए कौन सा स्थान है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्त्री धर्म ही मूल है। स्त्री के साथ ऐसा अपराध किसी भी धर्म व संस्कृति में मान्य नहीं है । भारतीय संस्कृति में बालिकाओं को नई शक्ति के सृजन की सशक्त नारी बताया गया है, लेकिन इस अपराधी ने उसका बचपन जीवन में ही खत्म कर दिया ।
यह था मामला
मामला थाना अयाना क्षेत्र के एक गांव का है। 24 मार्च की शाम करीब साढ़े पांच बजे एक आठ वर्षीय मासूम लापता हो गई थी। रोते बिलखते परिजन मासूम को इधर से उधर तलाश कर रहे। रात साढ़े 10 बजे तक मासूम की कोई खोज खबर न मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद एसपी चारू निगम अन्य पुलिस अधिकारियों व कई थानों के फोर्स के साथ गांव पहुंचीं। मासूम को खोजने के लिए सभी ने तलाश शुरू की। 25 मार्च शनिवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर से 600 मीटर की दूरी पर गेहूं के खेत में मासूम का शव मिला। मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में कई व्यक्तियों से पूछताछ की और साक्ष्यों को इकट्ठा किए। छानबीन के बाद 14 घंटे में घटना का खुलासा हो गया। आरोपी गौतम सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने सब कुछ कुबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला किया कि घटना के दिन उसने शराब पी रखी थी। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। उसे बिस्कुट दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को कुछ पता ना चले, इसलिए मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने रात में ही अपने शरीर पर आटा लगा लिया था, ताकि सबको लगे कि वो निर्दोष है। कबूलनामा के बाद आरोपी का डीएनए सैंपलिंग कराया गया। 26 मार्च की देर रात जिला अस्पताल से लौटते समय आरोपी गौतम ने दारोगा से पिस्टल छीनते हुए पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए सीएचसी अयाना में भर्ती कराया। पुलिस ने 27 मार्च यानी कि सोमवार को कोर्ट में पेशी कराई। उधर, 27 मार्च को ही बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई। रिपोर्ट में आरोपी की दरिंदगी की पूरी कहानी सामने आ गई। रिपोर्ट में मासूम के शरीर (सीने व पेट) पर 8 से 10 जगह नाखून से खरोंचने के निशान पाये गये नाजुक अंग भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त मिले थे। आरोपी ने मासूम का मुंह और हाथ इतनी तेज दबाया था कि वो काले पड़ चके थे। बच्ची का खन जम गया था। जिसकी वजह से
पड़ चुके थे। बच्ची का खून जम गया था। जिसकी वजह से उसकी नसें ब्लॉक हो गई थीं। इसके बाद बच्ची से रेप और हत्या का मामला गर्माता चला गया। उस समय एसपी चारू निगम ने आरोपी को फांसी दिलाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने आठ दिन के अंदर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। पिछले तीन महीने से मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। परिजनों ने मामले में आरोपी की फांसी की मांग की थी। पॉक्सो कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हो रही थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित कर लिया था। इसके बाद बुधवार को आरोपी गौतम सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई।
जिला बनने के बाद हुई चौथी फांसी की सजा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 1997 में औरैया जिला के गठन के बाद विभिन्न मामलों में न्यायालय ने फांसी की सुनाई है, ये चौथी सजा है।
सबसे पहले साल 2007 में फफूंद में हुए तिहरे हत्याकांड के दोषी को एडीजे फास्ट ट्रैक एससी मिश्रा ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी।
इसके बाद साल 2019 में एकतरफा प्रेम में पागल युवक ने घर में घुसकर किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने दोषी को फांसी सजा सुनाई थी।
साल 2021 में थाना बिधूना क्षेत्र में 3 साल की मासूम से रेप के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह ने फांसी की सजा सुनाई थी। अक्टूबर 2021 में दोषी बच्ची को बहला-फुसला कर अपने रिश्तेदार के घर ले गया था। जहां उसके साथ रेप किया था। बच्ची को बहुत सारी अंदरूनी चोटों के अलावा उसका प्राइवेट पार्ट भी बुरी तरह से जख्मी हो गया था।
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