(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । जालौन नगर के देवनगर चौराहे पर बने अस्थायी चैक पोस्ट पर कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण परिवहन निगम की बसें बिना रूके ही निकल जाती है। जालौन से दिल्ली बस सेवा बंद होने से भी लोगों को प्राइवेट बस सेवा का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण होने तक चौराहे पर चैकपोस्ट में कर्मचारियों की तैनाती की मांग नगर के लोगों ने की है।
स्थानीय देवनगर चौराहा अंतर्राज्यीय चौराहा है। जहां से मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, राठ, झांसी, हमीरपुर, कानपुर आदि की तरफ बसें जाती है। पहले तो यहां कोई चैक पोस्ट न होने के चलते बसें नहीं रूकती थीं। यात्रियों की काफी मांग पर देवनगर चौराहे पर अस्थाई चैकपोस्ट तो बना दिया गया और कर्मचारी की भी तैनाती कर दी गई। इसके बाद यहां बसें आकर रूकने लगीं। लेकिन कुछ ही समय बाद यह व्यवस्था भी लड़खड़ा गई। चैकपोस्ट पर तैनात किए गए व्यक्ति को हटा दिया गया। जिसके बाद परिवहन निगम की बसों का चेकपोस्ट पर रूकना पूर्णतः चालक की मर्जी पर निर्भर हो गया। यदि चालक का मन हुआ तो बस का रोक दिया अन्यथा बसों को बिना रोके ही चालक बसों को फर्राटा भरते हुए ले जाते हैं। परिवहन निगम की बसें न रूकने के कारण सवारियां बेबस होकर जाने के लिए अगली बस का इंतजार करती रह जाती हैं। उधर, पूर्व में जालौन से दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू की की गई थी। लेकिन कुछ समय तक उक्त बस सेवा चालू रही इसके बाद बस सेवा को बंद कर दिया गया। ऐसे में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अधिक किराया खर्च कर प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। नगर के पूर्व सभासद सोमिल याज्ञिक, अशफाक राईन, महेंद्र शिवहरे, आशुतोष, रिंकू, लोकेंद्र सिंह आदि ने बताया कि नगर में रोडवेज बस स्टैंड लगभग तीन वर्षों से निर्माणाधीन है। जब तक रोडवेज बस स्टैंड का कार्य पूरा नहीं होता है तब तक उन्होंने परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से जालौन दिल्ली बस सेवा शुरू कराने एवं अस्थाई चैक पोस्ट पर किसी कर्मचारी की नियुक्ति किए जाने की मांग की है।





