भागवत कथा के समापन दिवस पर सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए भक्त

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन के क्षेत्रीय ग्राम मलकपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ के समापन पर कथा व्यास सुबोधानंद महाराज ने सुदामा चरित की कथा का रसास्वादन कराया। सुदामा चरित्र के माध्यम से बताया कि जीवन में कितनी भी विपत्ति आ जाए भगवान का आश्रय नहीं छोड़ना चाहिए।
मलकपुरा में आयोजित श्रीमदभागवत कथा के समापन पर भगवताचार्य सुबोधानंद महाराज ने भक्तों को भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही जिससे सभी लोग धर्म की ओर अग्रसर हो। उन्होंने सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तो को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते है। बताया कि सुदामाजी ने जीवन में किसी से कुछ नहीं मांगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी बिना याचना के गरीब सुदामा का उद्धार किया। मित्रता निभाते हुए सुदामा की स्थिति को सुधारा। अंत में उन्होंने बताया कि मनुष्य का जीवन कई योनियों के बाद मिलता है। इसे यूं ही बर्बाद न करें। कथा समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर परीक्षित मालती तिवारी, भगवानदास तिवारी, जगराम शुक्ला, रमाकांत तिवारी, सुबोध तिवारी, अनिल तिवारी, शशिकांत तिवारी, अवनीश तिवारी, नीरज, दिव्य, प्रकृति, तृषिका, मोक्ष आदि ने कथा श्रवण किया।