जालौन नगर के इस स्थान पर चल रही भागवत कथा में झूमकर नाचे भक्त

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर में आयोजित श्रीमदभागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा व्यास बजरंगी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा चरित का वर्णन किया।
नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर में नरेशचंद्र शिवहरे द्वारा श्रीमद्भागवत साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ कराया जा रहा है। कथा के अंतिम दिन कथावाचक बजरंगी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा का समापन करते हुए कई कथाओं का भक्तों को श्रवण कराया जिसमें प्रभु कृष्ण के 16 हजार शादियां के प्रसंग के साथ, सुदामा प्रसंग और परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। इन कथाओं को सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। कथा समापन के दौरान महाराज ने भक्तों को भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही जिससे सभी लोग धर्म की ओर अग्रसर हो।

कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तो को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते है। इस मौके पर पुजारी हृदेशनारायण मिश्रा, परीक्षित पुष्पा देवी, नरेशचंद्र शिवहरे, बृजकिशोर सोनी, राजीव गुर्जर, महावीर सिंह, राजेश वर्मा, रिंकू गुप्ता, अरविंद मिश्रा, अनीस राजा दमा, किशुन कुमार, नीलम, देवेंद्र कुमार, शशि, अरुण, शालिनी, सतेंद्र, मनोज, शिवम, माया, शिवाजी, मुस्कान, अंजू, वर्षा, उत्तम शिवहरे, पायल, दीपक शिवहरे, निकेता, प्रदर्शन शिवहरे आदि रहे।

शहजदपुरा में चल रही भागवत कथा में भक्तों ने सुनी यह कथा

जालौन। क्षेत्रीय ग्राम शहजादपुरा में सुशील माहेश्वरी के आवास पर आयोजित भागवत कथा के पांचवें दिन भागवताचार्य नित्यकिशोर पुरोहित ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
भागवत कथा आयोजन के चौथे दिन वृंदावन धाम से पधारे भागवताचार्य नित्यकिशोर पुरोहित ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को सुनाते हुए कहा कि जैसे बच्चों की लीलाओं को देखकर माता-पिता आनंदित होते हैं ठीक वैसे ही भगवान की बाल लीलाओं को सुन कर भावविभोर बेसुध होकर आनंदित होते हैं। यह आनंद भक्तों को सुख व शांति प्रदान करने वाला होता है। भगवान इस मौके पर अंशू माहेश्वरी, सुशील माहेश्वरी, सुजाता माहेश्वरी, सुधीर डांगरा, आदि रहे।