रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए मन में विश्वास और लगन होनी चाहिए। ऐसे भक्तों को निश्चित ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी। यह बात शनिधाम गूढ़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन की कथा व्यास गुरुप्रसाद रामायणी ने कही।
ग्राम गूढ़ा में श्रीशनिधाम में धार्मिक आयोजन की श्रंखला चल रही। मंदिर परिसर में सुबह यज्ञाचार्य पंडित मिथलेश महाराज द्वारा श्रीविघ्न विनाशक गणपति नवकुंडीय यज्ञ में देश में अमन चैन, सुख-समृद्धि के साथ रिद्धि सिद्धि के लिए आहुतियां डलवायी जा रही है। मंत्रोच्चारण के साथ हवन की सुंगध से वातावरण पवित्र हो रहा है। तीसरे दिन कथा व्यास गुरुप्रसाद रामायणी ने श्रोताओं को ध्रुव और प्रहलाद के साथ सती की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि मन में विश्वास और मंजिल तक पहुचने की लगन हो तो मंजिल निश्चित ही प्राप्त होती है। जैसे प्रहलाद को ईश्वर से मिलने की लगन और विश्वास था। उनके विश्वास ने ही प्रहलाद को ईश्वर की प्राप्ति करा दी। इतना ही उनके विश्वास को तोडने के लिए तमाम प्रयास किए गए। यहां तक कि उनके पिता भी उनके साथ नहीं थे। लेकिन उनका विश्वास तब भी नही डगमगाया। उल्टा प्रहलाद की दृढ़ता और भी पक्की होती गई और ईश्वर के प्रति उनका विश्वास और अटूट हो गया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी बृजेश तिवारी, उमेश दीक्षित एड, भूपेंद्र सिंह, छोटे ठाकुर, विमला देवी राजावत, सुनील कुमार, पुजारी अनुराग, राजा भईया राजावत, राजकुमार, प्रमोद, सिंटू, अनुराग तिवारी, मानवेंद्र, नीतेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।






