रिपोर्ट बबलू सेंगर
E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Jalaun news today । जालौन के औरैया रोड स्थित सतीशचंद्र मिश्रा के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए भक्ति, सत्य और ईश्वर पर अटूट विश्वास का संदेश दिया।
चौथे दिन की कथा में अनिल त्रिपाठी महाराज ने कहा कि प्रहलाद की कथा यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति किसी भय, लालच या अत्याचार से विचलित नहीं होती। उन्होंने बताया कि प्रहलाद बाल्यावस्था से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकश्यप ईश्वर विरोधी थे और स्वयं को सर्वशक्तिमान मानते थे, लेकिन प्रहलाद ने अनेक यातनाओं के बावजूद भगवान का स्मरण नहीं छोड़ा। उन्हें आग में जलाने, विष पिलाने, ऊँचाई से गिराने और हाथियों से कुचलवाने जैसे अनेक प्रयास किए गए, परंतु हर बार ईश्वर की कृपा से भक्त प्रहलाद सुरक्षित रहे। जब हिरण्यकश्यप ने अहंकारवश भगवान की सत्ता को चुनौती दी, तब भगवान नरसिंह के रूप में प्रकट हुए और अधर्म का विनाश किया। प्रहलाद की अडिग भक्ति के कारण ही भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की।

इस मौके पर परीक्षित सतीशचंद्र मिश्रा, प्रभा देवी, अरविंद मिश्रा, ऊषा देवी, शरद मिश्रा, नारायण मिश्रा, शिवम मिश्रा, पारष मिश्रा, कैलाश दीक्षित , फूल सिंह , बैकुंठ नारायण , शंकर स्वरूप , सुभाष , पप्पू प्रधान , राजू , आशा देवी, प्रीति, सुरूचि देवी, अंकित कुमार, कंचन देवी, नीलम , छुन्नी देवी , दीप्ति,शिवम मिश्रा आदि रहे।







