रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर स्थित नाना महाराज के मंदिर में संत नृत्यगोपालदासजी महाराज के सानिध्य में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें पुण्यभवन मणिराम दास छोटी छावनी अयोध्या से पधारे उत्तराधिकारी संत कमल नयनदासजी महाराज ने रामार्चा की और भक्तों को रामकथा का रसपान कराया।
संत कमल नयनदासजी महाराज ने रामकथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शों, मर्यादा और धर्म पालन का सर्वाेत्तम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि रामकथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में सत्य, कर्तव्य और त्याग का मार्ग अपनाकर समाज को यह संदेश दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करना ही सच्चा जीवन है। कथा के दौरान उन्होंने श्रीराम के बाल्यकाल, वनवास और उनके आदर्श चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने लोगों को जीवन में भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी। कथा के बाद मंदिर परिसर में रामार्चा का आयोजन भी किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। रामार्चा के समय पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया। अंत में प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी विजय रामदासजी महाराज, महंत श्रीरामभजन दास महाराज, महंत रामतीरथ दास महाराज, बीनू गुप्ता, अरूण मिश्रा, राजू पुरवार, संतोष, हलके महाराज, रामजी अग्रवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।





