रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के पहले दिन नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी, वहीं घरों में भी विधिपूर्वक कलश स्थापना कर देवी का आह्वान किया गया। पूरे नगर में ‘जय माता दी’ के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
नव संवत्सर और नवरात्र के शुभ अवसर पर नगर के बड़ी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर, नवदुर्गा मंदिर, कामाख्या मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भव्य अनुष्ठान आयोजित किए गए। भक्तों ने मां शैलपुत्री की पूजा कर सुख, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने नौ दिन का उपवास रखने का संकल्प लिया और अपने घरों में घट स्थापना कर जवारे बोए। पंडित देवेंद्र दीक्षित ने मां शैलपुत्री के महत्व को बताते हुए कहा कि देवी का यह स्वरूप हिमालयराज हिमांचल की पुत्री के रूप में प्रकट हुआ था, इसलिए इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। माता पार्वती के रूप में इनकी कठोर तपस्या के बाद इन्हें मनोवांछित फल प्राप्त हुआ था। इस कारण भक्त मां शैलपुत्री की आराधना कर अपनी इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन इनकी पूजा करने से साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी कष्टों का नाश होता है। भक्तों की भीड़ को देखते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। महिला श्रद्धालुओं एवं युवतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए महिला चौकी प्रभारी मधु देवी, कोतवाली प्रभारी अजीत सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम जगदंबा प्रसाद, चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर परिसरों में सुबह से लेकर शाम तक पुलिस द्वारा गश्त की जाती रही।




