छात्रवृत्ति आवेदन में अनिमितता पाये जाने पर होगी कार्रवाई: जिलाधिकारी
(रिपोर्ट – संजय सिंह)

Lucknow news today ।राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने मंगलवार को कलेक्टे्रट स्थित समभागर में जिला स्तरीय दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति स्वीकृति समिति की बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 में जनपद की शिक्षण संस्थानों को कई अवाश्यक दिशा निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्गत शासनादेश के अनुसार शिक्षण संस्थानों, छात्र-छात्राओं को मास्टर डाटा अपडेट करने, छात्रवृत्ति आवेदन करने हेतु निर्धारित समय-सारिणी सम्बन्ध में बताया कि पूर्वदशम छात्रवृत्ति हेतु छात्रों को आवेदन करने का समावाधि 10 अगस्त से 10 अक्टूबर 2023 तक निर्धारित की गयी है। शिक्षण संस्थाओं को मास्टर डेटा में पाठ्यक्रम, सीटों की संख्या, पाठ्यक्रम हेतु निर्धारित शुल्क अपडेट कर लॉन करने के लिये 21 सितम्बर से 19 दिसम्बर, 2023 तक और विश्वविद्यलय , एसिलियेटिंग एजेंसी, जिला विद्यालय निरीक्षक, समाज कल्याण अधिकारी को फीस आदि सत्यापन कर लॉक करने के लिये 22 सितम्बर से 23 से 22 दिसम्बर, 2023 समय निर्धारित किया गया है। इसी तरह से दशमोत्तर छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन करने के लिये 22 सितम्बर से 22 दिसम्बर 2023 तक निर्धारित की गयी है।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति स्वीकृति
समित द्वारा जनपद की समस्त शिक्षण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि शिक्षण संस्थान उक्त योजना का व्यपापक प्रचार-प्रसार करने के लिये शिक्षण में एक बैनर बोर्ड तैयार कराकर लगायें, जिस पर छात्रवृत्ति आवेदन करने की तिथि
एवं आवेदन करने की अन्तिम तिथि अवश्य अंकित की जायें एवं इस सूचना नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करायी जाये, जिससे कोई छात्र आवेदन से वंचित न रह जाये। इसके अलवा बैठक में वर्ष 2024-25 से लागू की जाने वाली आधार आधारित उपस्थिति के आधार पर 75 प्रतिशत उपस्थिति पूर्ण करने वाले छात्रों को ही छात्रवृत्ति का भुगतान किये जाने के नियमों से भी अवगत कराया। इस वर्ष भी पाइलेट प्रोजेक्ट के तहत कुछ संस्थाओं में यह प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
साथ ही आवेदन करने के लिये छात्रों को आय, जाति प्रमाण-पत्र विशेष प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराने के लिये निर्देशित किया जाये। बैठक में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सतेंन्द्र प्रताप सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इस वर्ष लागू की जाने वाली श्व-्य4ष् (वाली आधार पोर्टल से आवेदक का स्वत: नाम, पिता का नाम, पता, फोटो आदि फेच हो जायेगा) के बारें विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में यह भी बताया गया कि संस्थायें उन्हीं छात्रों के आवेदनों को अग्रसारित करेगी जिनके पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम आ गये हो। आवेदन में वार्षिक आधार पर प्राप्तांक और पूर्णाक एवं अन्य आवश्यक सूचनायें अंकित अग्रसारित की जायेगी। संस्था के स्तर से अग्रसारित अपूर्ण, गलत आवेदनों के लिये संस्था को उत्तरदायी माना जायेगा । इसके साथ ही शिक्षण द्वारा त्रुटिपूर्ण आवेदनों को संशोधित कर संस्था में जमा करने का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये तथा इसकी सूचना नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा की जाये।
बैठक में यह भी बताया गया कि विगत वर्षो में छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में अनेक अनिमितिताओं की शिकायतें प्राप्त हुई है, जिसकी जॉच भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है, सभी संस्थाओं को निर्देशित किया जाता है कि किसी भी अपात्र छात्र-छात्रा का आवेदन किसी भी स्थिति में अग्रसारित न किया जाये, अन्यथा संस्था का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमावली में वर्णित व्यवस्थानुसार
उसके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता , जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सतेन्द्र प्रताप सिंह एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार समेत अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






