(ब्यूरो रिपोर्ट)

Auraiya news today । औरैया जनपद की जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समिति की आयोजित बैठक में कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपमिश्रित खाद्य पदार्थो, नकली, अद्योमानक एवं मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के निर्माण तथा क्रय विक्रय की रोकथाम हेतु कार्य योजना तैयार कर कार्यवाही करें जिससे अंकुश लगाया जा सके और बाजार में शुद्ध व मानकीय खाद्य सामग्री बाजार में उपलब्ध रहे जिससे आमजन का स्वास्थ्य सही रह सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए आवश्यकतानुसार स्वैच्छिक संगठनों से भी वार्ताकर सहयोग लें। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ एवं औषधि में मिलावट और अद्योमानक के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाये जाने के लिए चर्चा करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की अपंजीकृत प्रतिष्ठानों को पंजीकृत किया जाए इसके लिए संबंधित विभाग व व्यापार मंडल तथा स्वैच्छिक संगठनों से सहयोग लिए जाने के संबंध में चर्चा की जाये। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के सैंपल मानक विहीन पाए जाये तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए दंड आदि की प्रक्रिया अपनायी जाये। उन्होंने सरकारी दवाओं पर भी नजर रखने को कहा और यदि मानक विहीन पायी जाये तो संबंधित कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लायी जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों व विद्यालयों के एमडीएम को भी जांचा जाये जिससे कोई भी खाद्य सामग्री मानकविहीन प्रयोग में न लायी जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित कोल्ड स्टोरेज को पंजीकृत कराये अन्यथा की स्थिति में नोटिस जारी किया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिष्ठानों का पंजीकरण प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाये और जिनके द्वारा पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है तो उनके विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने इस अवसर पर दवा से संबंधित लंबित मामलों तथा आरसी वसूली की भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अब्दुल बासित, उप जिलाधिकारी बिधूना निशान्त तिवारी, अभिहित अधिकारी/ सहायक आयुक्त खाद्य स्वतंत्र देव सिंह, औषधि निरीक्षक ज्योत्साना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





