रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम छानी खास में दलित बस्ती में लगे बिजली के पोल पांच दिन पूर्व आई तेज आंधी और बारिश में गिरकर टूट गए थे, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें बदला नहीं जा सका है। इसके चलते पूरे मोहल्ले में अंधेरा पसरा हुआ है और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली के पोल शीघ्र बदलवाने की मांग की है।
ग्रामीण बालाप्रसाद पुजारी, रामकरन पाल, सुरेश कुमार, गोटीराम आदि ने बताया कि दलित बस्ती में करीब 35 घर हैं, जो पूरी तरह इसी लाइन पर निर्भर हैं। पोल गिरने के बाद से ही पूरे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और महिलाओं को घरेलू कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के पोल गिरकर टूटने की सूचना उसी समय बिजली विभाग को दे दी गई थी। लेकिन तीन दिन बाद भी पोलों को बदला नहीं गया है। बताया कि अंधेरे के कारण रात में बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वहीं, मोबाइल इंवर्टर आदि भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बिजली निगम से जल्द से जल्द टूटे हुए पोल बदलवाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इस बाबत जेई नवीन कंजौलिया ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोलों को बदलने के लिए स्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। एक-दो दिन के भीतर नए पोल लगाकर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल गांव में बिजली के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस गांव में भी टूटा था नलकूप का फेस,ठीक कराने की मांग
जालौन। क्षेत्र के कुठौंदा बुजुर्ग गांव में तीन दिन पूर्व आई तेज आंधी ने नमामि गंगे योजना के तहत निर्मित पानी की टंकी के नलकूप का फेस टूट जाने के कारण बीते तीन दिनों से गांव में पानी की आपूर्ति बाधित है। परेशान ग्रामीणों ने फेस सही कराने की मांग की है।
ग्रामीण गजेंद्र सिंह सेंगर, जवान सिंह, शिवम, मनमोहन आदि ने बताया कि आंधी के दौरान नलकूप का बिजली का फेस टूट गया था। जिसके बाद से जलापूर्ति ठप पड़ी है। गांव में रहने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवार दूर स्थित हैंडपंप पानी लाकर किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। पानी की आपूर्ति बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। सुबह से ही पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। इसके अलावा पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नमामि गंगे योजना के अंतर्गत बनाई गई इस टंकी से पूरे गांव की पेयजल व्यवस्था संचालित होती है। लेकिन फेस टूटने के बाद से अभी तक उसे सही नहीं कराया गया है। परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि टूटे हुए बिजली के फेस को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि गांव में फिर से नियमित जलापूर्ति शुरू हो सके। इस संबंध में पंप ऑपरेटर नीरज सेंगर ने बताया कि फेस टूटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। फेस ठीक होने के बाद पेयजल आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी।





