
पहले डीएपी, अब टीएसपी खाद भी दुकानों से हुई गायब, खेतों की बुबाई का समय पिछड़ने से किसान परेशान
(ब्यूरो रिपोर्ट)
Kalpi / Jalaun news today । जालौन जनपद के कालपी क्षेत्र में प्रशासन के आश्वासन के बाद भी किसानों की खाद की समस्या का हल नहीं हुआ है। आलम यह है कि डीएपी तो पहले से ही गायब थी अब टीएसपी भी खत्म हो गई है जिससे उनके खेतों की बुबाई भी ठप है।
लोगो का कहना है कि इससे शासन की किसानों की आय दोगुनी करने की कवायद बेकार साबित हो रही है जब वह खेतों की बुवाई ही समय से नहीं कर पा रहे तो उन्हें उनकी उपज की कीमत कैसे मिलेगी।
विदित हो कि गेहूं की बुवाई का समय 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक होता है इसके बाद बोई गई फसल उचित उपज नहीं देती है लेकिन यहां तो डीएपी की कमी इस फसल की बुबाई में बाधा बन गई है और ऐन वक्त पर सहकारी समितियों के साथ बाजार से भी यह खाद गायब है और किसान एक एक बोरी के लिए संघर्ष कर रहा है।
सहकारी समिति के सचिव ने कही यह बात
सहकारी समिति महेवा के सचिव प्रदीप द्विवेदी के अनुसार अभी तक उन्हें महज 4 ट्रक डीएपी प्राप्त हुई है जबकि क्षेत्र काफी बड़ा है जिसके चलते किसानों को दो-दो बोरी खाद ही मिल सकी है।
पीसीएफ प्रभारी ने कही यह बात
वही पीसीएफ केन्द्र प्रभारी धनीराम कुशवाहा के अनुसार उन्हें एक पखवारे से अधिक समय से खाद मिली ही नहीं है। इसके अलावा निजी खाद बिक्री केंद्रो पर भी विगत एक सप्ताह से डीएपी नहीं है हालांकि इसी सप्ताह उन्हें टीएसपी की आपूर्ति मिली थी जो चना आदि फसलों की बुबाई के काम आती है लेकिन मजबूरी में किसानों ने उसको भी खरीदना शुरू कर दिया था लेकिन अब वह भी खत्म हो गई है।
खाद विक्रेताओं का कहना
खाद विक्रेता अशोक पुरवार, राकेश पुरवार तथा भारत सिंह यादव आदि के अनुसार उन्हें जिला वितरक द्वारा एक खेप ही उपलब्ध कराई गई थी जो दो दिनों में ही खत्म हो गई है जिससे वह लोग भी खाली बैठे हैं। खाद के लिए शनिवार को नगर आए किसान रामरतन पाल, राममोहन, राजकिशोर आदि के मुताबिक वह डीएपी न होने पर विकल्प के रूप में टीएसपी लेने आए थे लेकिन वह भी नहीं मिली है जिससे उनके खेतो की बुवाई पिछड रही है जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा
इस सम्बंध में जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव के अनुसार शीघ्र ही डीएपी खाद की खेप जनपद मे आ रही है जिससे किल्लत दूर हो जाएगी।
चर्चा जोरों पर रात के अंधेरे मे हो रही डीएपी की कालाबाजारी
कालपी। सहकारी समितियों और खाद बिक्रेताओ के गोदाम डीएपी से भले ही खाली पडे़ हो पर चर्चा है कि नगर के कई खाद विक्रेताओ के पास यह उपलब्ध है और निधार्रित कीमत से अधिक देने पर यह उपलब्ध हो जाती है। जानकारों की माने तो कमी का फायदा उठाने के लिये माफियाओं ने दुकानों के बजाय इधर उधर स्टाक कर लिया है जो रात के अन्धेरे मे ऊंची कीमतों पर बेचते है और यह सिलसिला बिगत कई दिनों से चल रहा है लेकिन जिम्मेदार इससे अनजान है।





