Jalaun news today । कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में किसानों के गेहूं खरीदने के लिए 20 सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक लगभग 95 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। पिछले दस दिन से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। गेहूं बेचने के बाद लगभग एक सैंकड़ा किसानों का 50-60 लाख का भुगतान लटका हुआ है। भुगतान न होने के जहां एक ओर किसान परेशान हैं तो दूसरी किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों से दूरी बना ली है। जिसके चलते शनिवार को खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
सरकार ने किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए गल्ला मंडी में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खोले हैं। मंडी परिसर में नीलामी चबूतरे पर 20 क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन क्रय केंद्रों पर अब तक लगभग 95 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। 30 अप्रैल तक गेहूं बेचने वाले किसानों को उनका भुगतान मिल चुका है। सरकार किसानों को पीएफएमएस के माध्यम से 24 घंटे में भुगतान का दावा कर रही है। लेकिन 30 अप्रैल के बाद सरकारी गेहूं खरीद केन्द्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। पीएफएमएस में आई गड़बड़ी के चलते जालौन समेत पूरे प्रदेश के किसानों के समक्ष भुगतान की समस्या खड़ी हो गई है। भुगतान में हो रही देरी के चलते लगातार किसान सरकारी क्रय केंद्रों से दूर होते जा रहे हैं। किसानों के दूरी बनाने के चलते क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया है। शनिवार को मंडी के लगभग सभी क्रय केंद्र खाली पड़े थे। जबकि मंडी में व्यापारी गेहूं खरीद रहे थे। भुगतान न होने के कारण क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा किसान प्रभावित है। वीरेंद्र सिंह निवासी जमरेही अब्बल बताते हैं कि उन्होंने चार मई को 47 क्विंटल गेहूं बेचा था जिसका भुगतान 107865 रुपये बनता है। आज तक भुगतान नहीं हो सका है। उनके चार खाते हैं केंद्र प्रभारी के कहने पर पहले केवाईसी कराई है अब एनपीसीआई करा चुके हैं। इसके बाद भी भुगतान नहीं आया है। रुपये न आने के कारण उनके काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्र पर फसल बेच चुके किसान सोमवती छिरिया सलेमपुर, देवेंद्र सिंह खकसीस, गौरव गुर्जर दमां, आराधना दमां, बद्रीप्रसाद हीरापुर, शिवम खकसीस, विश्वेंद्र कमसेरा आदि कहते हैं कि भुगतान न मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। मजदूरों का उन्हें भी भुगतान करना है। लेकिन रुपये न मिलने से सभी व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। विपणन निरीक्षक मंजीत कुमार ने बताया कि मंडी परिसर में संचालित क्रय केन्द्रों के लगभग एक सैकड़ा किसान हैं जिनका भुगतान नहीं हो पाया है। किसानों के खाते में पीएफएमएस से रुपये ट्रांसफर होते है। तकनीकी दिक्कत होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। वह लगतार अधिकारियों के संपर्क में है उम्मीद है रात तक भुगतान आ जाए।





