(ब्यूरो रिपोर्ट )
उरई (जालौन)। रविवार को जिलाधिकारी चाँदनी सिंह व पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी कालपी अंकुर कौशिक ने ग्राम शेखपुर बुल्दा में स्टीमर से पहुंच कर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामवासियों से वातार् कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निदेर्श दिए। इस दौरान उन्होंने दवाइयों का भी वितरण कराया मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निदेर्शित करते हुए कहा कि डॉक्टरों की टीम निरंतर भ्रमण पर रहे और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि यमुना का जलस्तर घटना शुरू हो गया है अभी भी जनपद में 57 गांव ऐसे हैं जो बाढ़ से प्रभावित हैं। लगभग 14 सौ परिवार ऐसे हैं जिनके घरों में पानी घुस चुका है ऐसे सभी परिवारों को विस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ ग्रस्त गांव में सामूहिक रसोई संचालित की गई है बाढ़ ग्रस्त परिवारों को लंच पैकेट का भी वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम शेखपुर बुल्दा में 40 परिवार प्रभावित हैं वहां पर स्वास्थ्य संबंधित जानकारी की गई बुखार खुजली आदि समस्याओं से ग्राम वासियों ने अवगत कराया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निदेर्शित करते हुए कहा कि डॉक्टरों की टीम भेजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराकर दवाओं का वितरण कराया जाए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी उपचार दिया जाए। उन्होंने ग्राम वासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग सूखे स्थान पर रहे पानी से दूर रहें मच्छरों से बचने के लिए खासतौर पर बच्चों के लिए फुल बाजू के कपड़े पहनाये जाएं अधिकतर मच्छरदानी का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जलस्तर घट रहा है फिर भी सतकर् रहें अपने बच्चों के साथ घूमने या मनोरंजन के लिए न निकले। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्राम वासियों को बुखार, खुजली आदि बीमारी की दवाइयां वितरण की। इस दौरान ग्राम वासियों को राशन किट, बाल्टी आदि सामग्री वितरण की गई।
लोहई दिवारा में बाढ़ के पानी में डूबने से मासूम की मौत
कुठौंद (जालौन)। रविवार को बाढ़ से घिरे ग्राम लोहई दिवारा के अनेकों ग्रामीण गांव से तीन किमी दूर करहिया मौजा में डेरा जमा लिया था। बताया जाता है वहां भरत 7 वषर् पुत्र प्रेमकुमार की बाढ़ के भरे पानी में डूबने में मौत हो गयी। घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को पता चली तो परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में ग्रामीण पानी में डूबे मासूम की खोज में जुट गये और लंबे अंतराल के बाद मासूम के शव को पानी से खोज निकाला।

घटना की जानकारी ग्राम प्रधान श्रीकांत दीक्षित ने जैसे ही सिरसा कलार थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश तिवारी को दी तो वह भी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और पानी में डूबने से मासूम की हुई मौत के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर उसे पोस्टमाटर्म के लिये भेज दिया।
नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ पीड़ितों ने ली राहत की सांस
रामपुरा (जालौन)। मध्यप्रदेश व राजस्थान के डैम से छोड़े गए पानी के कारण पिछले तीन दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़कर 117.51 मीटर पहुंच गया था। जबकि पहूज व सिंघ नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के ऊपर प्रबल वेग से धारा प्रवाहित हो रहा था। शुक्रवार रात से पानी स्थिर हुआ और शनिवार को यमुना का जलस्तर घटकर 110.58 मीटर पर जा पहुंचा। इससे आसपास बसे गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। पचनद क्षेत्र मे यमुना, पहूज, चम्बल, सिंध नदी में बढ़े जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बन गयी जिस कारण रामपुरा ब्लॉक के कूसेपुरा, नरौल, बिलौड़, भटपुरा, निनावली, किशनपुरा, भैलावली, जखेता, डिकौली, मिजार्पुरा, सिद्धपुरा, हुकुमपुरा, कंजौसा, महमूदपुरा, कदमपुरा, पुरा महटौली, गुढ़ा बेरा, कंजौसा, पतराही, करार्, मोहब्बतपुरा, बुढ़ेरा, रिठौरा, चांदनपुरा, भूरे का पुरा, मुल्ले का पुरा, हिम्मतपुर, हुसेपुरा जागीर आदि गांव। में पानी पहुंचने से सैकड़ों बीघे की फसलें जलमग्न हो गई थीं। किसानों को फसल बबार्दी के साथ घरों तक पानी पहुंचने से उनकी जमायी गृहस्थी नष्ट हो गयी एवं उनके सामने आथिर्क संकट की स्थिति बन गयी है ।लोग लगातार बढ़ रहे पानी को लेकर दहशत में थे।
लेखपालों की टीमें बाढ़ प्रभावितों की निगरानी करने में जुटी
रामपुरा। जिला प्रशासन ने तहसील के अधिकारियों की टीम गठित कर दी थी एवं लेखपालों की टीमें लगाकर निगरानी शुरू करा दी थी। शनिवार रात से पानी ने उतरना शुरू कर दिया। रविवार को नदियों का जलस्तर एक मीटर तक घटा है जबकि केंद्रीय जल आयोग के कमर्चारियों के मुताबिक, अभी पानी उतरने की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पानी बढ़ने की संभावना कम नजर आ रही है। पानी उतरने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली एवं ग्रामीण वापस अपने-अपने घरों को ओर लौटने लगे है। कूसेपुरा, डिकोली जागीर, मिजार्पुरा जागीर, निनावली जागीर आदि गांवों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है। जिससे ग्रामीणों व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। नदियों का जलस्तर बढ़ने और घटने दोनों स्थितियों पर जिला प्रशासन नजर बनाए है। फिलहाल अभी पानी कम होना शुरू हो गया है। फिर भी सभी को सतकर्ता बनाए रखने के निदेर्श दिए हैं।
विधायक ने बाढ़ पीड़ित गांव भिटौरा, कंजौसा में राशन सामग्री बांटी
रामपुरा। क्षेत्रीय विधायक मूलचंद निरंजन ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को जाना तथा भरसम्भाव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने बताया कि बाढ़ से रामपुरा क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई के लिए पूवर् की भांति इस वषर् भी बाढ़ से हुए नुकसान का सवेर् कराकर ग्रामीणों को मुआवजा दिलवाया जायेगा। नदियापार के इलाके में प्रति वषर् नदियों के पानी से रास्ते बंद हो जाते हैं, ऐसे रास्तों को ऊंचाई देकर पुनः निमार्ण कराया जायेगा। जिससे नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने पर सड़को पर पानी न आये। बाढ़ से किसानों की जो फसलें बबार्द हुई हैं उनको फसल बीमा के साथ साथ मुआवजा भी दिलवाया जायेगा। बाढ़ से जिन ग्रामीणों के मकानों को क्षति पहुंची है उनको प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतगर्त दूसरे स्थानों पर बसाकर आवाज योजना का लाभ दिया जायेगा।

इस दौरान विधायक ने बाढ़ पीड़ितों को राशन सामग्री वितरण की तथा विधायक मूलचन्द निरंजन के साथ एसडीएम अंगदसिंह, विधायक प्रतिनिधि महेश राजावत,सन्तोष प्रजापति अमर सिंह मई, ज्योतिष कुरोती, अमित बादल, राजकिशोर गुप्ता चेयरमैन माधौगढ़ के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।
सीओ माधौगढ़ ने चिकित्सक के रूप में कतर्व्य व धमर् का किया पालन
जगम्मनपुर (जालौन)। रामपुरा क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका से जूझते ग्रामीणों की मदद करने को शासन प्रशासन कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहा। क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ अपने पद के दायित्व बखूबी निवार्हन करते हुए अपने अंदर मौजूद चिकित्सक नहीं रोक पाए और उन्होने नदिया पार के गांव में चिकित्सक की टीम के साथ बीमार ग्रामीणों का परीक्षण करके उन्हें समुचित इलाज दे भविष्य में बीमार होने से बचने के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी।

रामपुरा के नदिया पार इलाका को प्रतिवष आने बाली बाढ़ से विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है । आथिर्क क्षति के साथ साथ बाढ़ के पानी के उतरते ही बीमारियों के फैलने का जो सिलसिला प्रारंभ होता है उससे बहुत बड़ा संकट उत्पन्न हो जाता है। आज क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ डॉ देवेंद्र कुमार, एसडीआरएफ टीम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरा की चिकित्सकीय टीम के साथ नव प्रसूता मां एवं उसके नवजात शिशु को लेकर मोटरबोट द्वारा निनावली जागीर पहुंचे व गांव के लोगों को सुरक्षित एवं बेफिक्र होने के लिए आश्वस्त करते हुए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने स्वयं बीमार लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें समुचित उपचार वह बीमारी से बचने हेतु सावधानियां बरतने की सलाह देकर पुलिस अधिकारी होने एवं चिकित्सक (एमबीबीएस) के संयुक्त कतर्व्य का पालन किया। इस अवसर पर आपके साथ थानाध्यक्ष रामपुरा राजीवकुमार वैस भी मौजूद थे।




