(ब्यूरो रिपोर्ट)

Jalaun news today । देशवासियों को गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद के 118वें जन्म दिवस पर उन्हें याद करने की कस्बे में किसी को सुध न रही। उनकी देशभक्ति व शहादत को याद करने व उनकी प्रतिमा पर दो पुष्प श्रद्धा के अपिर्त करने लिए किसी जनप्रतिनिधि, समाजसेवक या राजनैतिक दल के नेता को समय न मिलना नगर में चर्चा का विषय बन गया।
हमारे स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार जालौन नगर के मध्य पुलिस चौकी के बगल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महानायक चंद्रशेखर आजाद के नाम पर पार्क स्थित है जिसका संचालन नगर पालिका परिषद द्वारा किया जाता है। इसमें पुस्तकालय के साथ बच्चों के लिए खेल का सामान भी लगा है। हालांकि वतर्मान में पुस्तकालय संचालित नहीं है। पार्क में लोगों का आना जाना लगा रहता है। पार्क में चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति भी स्थापित है। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को हुआ था। रविवार को उनके जन्म दिवस को ही राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भूल गए। जिसके कारण उन्हें जन्म दिवस पर दो फूल श्रृद्धा के नसीब नहीं हुए। जिस सेनानी ने भारत माता के अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। जन्म दिवस पर उनकी प्रतिमा श्रृद्धा के दो फूल के लिए तरसती रही। जब शाम तक उनकी प्रतिमा पर किसी ने माल्यापर्ण नहीं किया तो किसी ने सूनी प्रतिमा की वीडियो बनाकर वायरल कर दी। जिसके बाद यह नगर में चर्चा का विषय बन गया। देर शाम मीडिया कमिर्यों ने प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।





