रिपोर्ट बबलू सेंगर

E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Jalaun news today । जालौन के ग्राम पंचायत मलकपुरा में किसानों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय बढ़ाने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को ग्रीन फॉरेस्ट्री और कार्बन क्रेडिट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्राम पंचायत मलकपुरा के स्वराज भवन में आयोजित ग्रीन चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारीे) प्रदीप कुमार ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए एग्रो फॉरेस्ट्री (कृषि वानिकी) के महत्व और इसके आर्थिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी। डीएफओ ने कहा कि वर्तमान समय में खेती के साथ-साथ पेड़ों की खेती किसानों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है। इस क्षेत्र की जलवायु और भूमि के अनुसार यूकेलिप्टस, महोगनी और मालाबार नीम जैसे पेड़ों की खेती यहां की जा सकती है। इन वृक्षों की लकड़ी का उपयोग फर्नीचर, निर्माण कार्य, प्लाइवुड, कागज उद्योग और अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जाता है। इन प्रजातियों की लकड़ी की बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मूल्य मिल सकता है। उन्होंने एग्रो फॉरेस्ट्री को समझाते हुए कहा कि इसमें किसान अपनी कृषि भूमि पर फसलों के साथ-साथ पेड़ों की खेती करते हैं। इससे एक ओर जहां भूमि की उर्वरता बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर किसान को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होता है। पेड़ खेतों को हवा, मिट्टी के कटाव और जल संरक्षण में भी लाभ पहुंचाते हैं, जिससे खेती लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहती है। पेड़ वातावरण में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी प्रक्रिया के बदले किसानों को कार्बन क्रेडिट के रूप में भी आर्थिक लाभ मिल सकता है। जब किसान अधिक पेड़ लगाते हैं, तो वे पर्यावरण संरक्षण में योगदान देते हैं और इसके बदले कार्बन क्रेडिट के माध्यम से कंपनियों या संस्थाओं से आय अर्जित कर सकते हैं। यह आय पेड़ों की लकड़ी से मिलने वाली आमदनी के अतिरिक्त होती है। इस मौके पर ग्राम प्रधान अमित, अतुल तिवारी, रमाकांत तिवारी, संतोष दीक्षित, रामस्वरूप साहू, मानसिंह निरंजन, कन्हैयालाल साहू, ननकू निरंजन, दुर्गाप्रसाद रजक आदि रहे।





