IAS Officer Rinku Singh Rahi ।
जाके पांव न फटी विवाई: बो का जाने पीर पराई!
यह कहावत बिल्कुल सटीक साबित होती है 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के ऊपर।
दरअसल देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में अपना अलग मुकाम बनाने वाले रिंकू सिंह राही ने आज आईएएस पद से इस्तीफा दे दिया है!
बता दें आपको रिंकू सिंह वही आईएएस अधिकारी हैं जो शाहजहांपुर में हुए वकीलों के साथ विवाद में उठा बैठक लगाते हुए देखे गए थे । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके बाद शासन में उन्हें हटा दिया था और तब से लेकर आज तक वह राजस्व परिषद में ही तैनात थे इसी बात से आहत होकर रिंकू सिंह राही ने आज इस्तीफा दे दिया है।
पिता चलाते थे आटाचक्की
बता दे आपको 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह बेहद साधारण परिवार से रहे हैं उनके पिता ने आटा चक्की चलाते हुए उन्हें आईएएस की परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया और पिता के द्वारा मिले प्रोत्साहन और सहयोग के बाद रिंकू सिंह ने भी पूरे तन मन से पढ़ाई की और अपने पिता के सपनों को साकार करते हुए 2022 में आईएएस की परीक्षा पास की उन्होंने 683 भी रैंक हासिल की थी।
शाहजहांपुर में पोस्टिंग के बाद आये चर्चा में
2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह उस समय मीडिया की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर रहते हुए पुवाया तहसील क्षेत्र अंतर्गत एक व्यक्ति को शौचालय के बाहर गंदगी फैलाते देखा था और इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति को दंड स्वरूप उठा बैठक करने को कहा बस यही कहना उनके लिए गुनाह साबित हो गया और इसी बात पर नाराज होकर वकीलों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था । आलम यह था कि स्थिति को शांत करने के लिए रिंकू सिंह राही खुद वकीलों के बीच पहुंचे और उनसे माफी भी मांगी थी और सार्वजनिक रूप से उन्होंने उठा बैठक भी की थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वकीलों के साथ हुई उनकी इस झड़प के बाद शासन ने उनका ट्रांसफर राजस्व परिषद में कर दिया था और तब से लेकर आज तक वह राजस्व परिषद में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे और कोई प्राइम पोस्टिंग ना मिलने से आहत होकर उन्होंने आज अपने इस प्रतिष्ठित पद से इस्तीफा दे दिया है।
2009 में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए किया था ये बड़ा खुलासा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिंकू सिंह रही वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर जनपद में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे उसे दौरान उन्होंने एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश भी किया था और इससे नाराज होकर इस घोटाले को अंजाम देने वालों ने उन पर हमला भी किया था जिसमें वह घायल भी हुए थे मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और घोटालेबाजों पर शिकंजा करते रहे।
इस्तीफा पत्र में कही यह बात
यूपी कैडर के 2022 बैच के राही ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से न तो पोस्टिंग दी जा रही थी और न ही कोई गरिमापूर्ण कार्य सौंपा जा रहा था। उन्होंने लिखा कि वे संबद्ध हैं, लेकिन उन्हें जनसेवा का मौका नहीं दिया गया।
बता दें, राही ने बताया कि SDM रहते हुए एक कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया। हालांकि उन्हें वेतन मिलता रहा, लेकिन काम करने और जनसेवा के अवसर से वंचित रखा गया। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताते हुए इस्तीफा दिया।




