(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखते हुए स्थानीय छत्रसाल इंटर कॉलेज के ग्राउंड में दंगा और बलवा नियंत्रण के लिए सीओ की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों द्वारा अभ्यास किया गया। मॉकड्रिल में जब दंगाई नहीं माने तो पुलिस ने गोलियां चलाईं जिसमें चार दंगाई घायल हुए।
दंगा अथवा बलवा के दौरान पुलिसकर्मी किस प्रकार से बलवाइयों और दंगाइयों से निपट सकते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किस प्रकार किन तरीकों को आजमाया जाए इसके लिए स्थानीय छत्रसाल इंटर कॉलेज मैदान में सीओ रामसिंह की मौजूदगी में दंगा नित्रंयण का अभ्यास किया गया। इस दौरान दंगा और बलवा जैसी स्थितियों को उत्पन्न किया गया और उसे रोकने के लिए अभ्यास किया गया।

इस क्रम में मैदान के एक छोर से सादा वर्दी में तैनात पुलिस के जवान बलवाइयों का भेष धारण कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। इसकी जानकारी खुफिया विभाग द्वारा पुलिस को दी गई। अभ्यास में विधि विरुद्ध जमाव को पहले चेतावनी देकर वहां से हट जाने के लिए कहा गया। लेकिन जब स्थिति नहीं संभली बल्कि भीड़ और उग्र होने के साथ ही आगजनी और पत्थरबाजी का अभ्यास किया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए और आगजनी को रोकने के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ी बुलाई गई। फायर ब्रिगेड द्वारा पानी की बौछार कर उन्हे वहां से हटाने का अभ्यास किया गया। इसके बाद आंसू गैस के गोले, एंटी राइट गन के प्रयोग का भी अभ्यास किया गया। स्थिति पर नियंत्रण के लिए बलवाइयों पर फायर भी किए गए।

जिसमें चार बलवाइयों के घायल होने का भी अभ्यास हुआ। इस दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी की गई और ड्रोन कैमरों का भी प्रयोग किया गया। इस संदर्भ में सीओ रामसिंह ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और सुचारु बनाना है। यह दंगा नियंत्रण पुलिस के लिए बहुत जरूरी और उनके हित में है। दंगा नियंत्रण एवं बलवाइयों को किस प्रकार नियंत्रण करना है, इसका पुलिस कर्मियों को अभ्यास कराया गया है। इस मौके पर कोतवाल विमलेश कुमार, एसआई गोविंद सक्सेना, ओंकार सिंह, केपी यादव आदि मौजूद रहे।





