(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)
Jalaun news today ।जालौन नगर पालिका द्वारा पर्यावरण दिवस पर फोर लेन के डिवाइडर पर पेड़ों को लगाया गया था। लेकिन देखरेख और पानी के अभाव में डिवाइडर के बीच में लगे पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में हरित वातारण व पर्यावरण सुरक्षा की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
नगर पालिका परिषद द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बंबा से लेकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौराहा तक और औरैया रोड पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौराहा से चुंगी नंबर चार तक डिवाइडर पर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधों का रोपण किया गया था। डिवाइडर के बीच पर लगे पेड़ों से मंशा थी कि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण से राहत मिलेगी और हरियाली भी बनी रहेगी। क्योंकि पेड़ ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं और कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण करते हैं। लेकिन पालिका पेड़ों को लगाने के बाद भूल गई। बारिश के मौसम में पानी मिलने पर कुछ पेड़ तो लग चुके हैं। लेकिन उसके बाद देखरेख न होने से और पेड़ों को पर्याप्त पानी न मिलने से वह सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। यदि इन पेड़ों की सही से देखरेख होती तो वह वातावरण के लिए काफी अच्छा होता। लेकिन शायद नगर पालिका की निगाहें इन सूख रहे पेड़ों तक नहीं पहुंच रही हैं। यदि शीघ्र ही इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई तो लाखों की लागत से लगे पौधे सूख जाएंगे और पर्यावरण सुरक्षा की मंशा पर पानी फिरा हुआ नजर आएगा। पर्यावरण प्रेमी विनय कुमार कहते हैं अभी हम दिल्ली की हालत देख रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण के चलते स्कूलों तक को बंद करना पड़ा। इतना ही नहीं सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कई तरह के उपाय अपना रही है। यदि हम अभी से नहीं चेते और आने वाले समय में दिल्ली जैसे हालात अन्य जगहों पर भी होंगे। इसलिए पर्यावरण के संरक्षण में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।






