(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । श्रीशनि धाम गूढ़ा न्यामतपुर में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमदभागवत कथा का अंतिम दिन समापन किया गया। जिसमें भागवताचार्या वैष्णवी किशोरी ने सुदामा चरित की कथा सुनाई और लोगों से गोपालन की अपील की।
कथा के अंतिम दिन भागवताचार्या वैष्णवी किशोरी ने भक्तों को भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही जिससे सभी लोग धर्म की ओर अग्रसर हो। कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तो को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते है। उन्होंने कई उपदेशात्मक वृतांत सुनाकर भक्तों को निहाल भी किया। उन्होंने बताया कि मनुष्य का जीवन कई योनियों के बाद मिलता है। इसे कैसे जीना चाहिए, यह भी समझाया। कृष्ण और सुदामा की निश्छल मित्रता का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे बिना याचना के कृष्ण ने गरीब सुदामा का उद्धार किया। मित्रता निभाते हुए सुदामा की स्थिति को सुधारा। उन्होंने गोवध का विरोध और गोसेवा व गोपालन करने पर भी जोर दिया। कथा समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं में पारीक्षित विमला देवी, पुजारी रामकिशोर गोसाई, अनुराग शर्मा, बृजेश महाराज, मानवेंद्र परिहार, अनुराग तिवारी, राजा भइया, चंद्रभान मिश्रा, विमला, आरती, महिमा, प्रतिज्ञा, प्रीति, वंदना आदि मौजूद रहे।





