जालौन के इस मंदिर में हो रही रामकथा में कथा व्यास ने सुनाई यह सुंदर कथा,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर के श्रीवीर हनुमान बालाजी मंदिर पर आयोजित रामकथा में कथा व्यास ब्रजमोहन दीक्षित ने भगवान शिव विवाह और सती की कथा का श्रवण उपस्थित श्रोताओं को कराया।
उरई मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर पर साप्ताहिक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसके दूसरे दिन कथा व्यास पंडित ब्रजमोहन दीक्षित ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राजा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर का अपमान करने के लिए महायज्ञ का आयोजन किया था। जिसममें भगवान शिव को छोड़कर समस्त देवताओं को आमंत्रण भेजा था। भगवान शंकर के मना करने के बाद भी सती ने अपने पिता के यहां जाने की इच्छा जताई तो भगवान शंकर ने बिना बुलाए जाने पर कष्ट का भागी बनने की बात कही। इसके बाद भी सती नहीं मानी और पिता के घर चली गई। वहां पिता द्वारा भगवान शंकर के अपमान पर सती ने हवन कुंड में कूदकर खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया। इसके बाद भगवान शंकर के दूतों ने यज्ञ स्थल को तहस नहस कर दिया। माता सती के अग्नि में समर्पित होने के बाद तीनों लोकों को भगवान शिव के कोप का भाजन बनना पड़ा। कहा कि श्रीराम कथा में गुरु, माता-पिता, पुत्र-पुत्री, भाई, मित्र, पति-पत्नी आदि का कर्तव्य बोध एवं सदाचरण की सीख हमें सर्वत्र मिलती है। कथा की सार्थकता तब सिद्ध होती है, जब इसे हम दैनिक जीवन के व्यवहार में शामिल करते हैं। राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और मन में शांति व मुक्ति मिलती है। इस मौके पर मंदिर के पुजारी कमलेश महाराज, अनुरूद्ध विश्नोई, राजीव विश्नोई, राजा, विनय निगम, पवन, रामश्री देवी, गजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र, सुखदेव सिंह, अनिल कुमार, वीरेंद्र, जमुनादास, लक्ष्मी, प्रीति, अर्चना, निशा, कमला, राधिका आदि मौजूद रहे।

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