रिपोर्ट बबलू सेंगर
E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Jalaun news today । औरैया रोड स्थित सतीशचंद्र मिश्रा के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धकथा व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान भक्तों ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयकारे लगाए।
कथा के पांचवें दिन व्यास अनिल त्रिपाठी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म, अन्याय और अत्याचार के विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए हुआ। जब पृथ्वी पर पाप बढ़ गया और साधु-संतों पर अत्याचार होने लगे, तब भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ से कृष्ण रूप में अवतार लिया। कारागार में जन्म लेकर भगवान ने यह संदेश दिया कि ईश्वर किसी भी परिस्थिति में भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा व्यास ने कंस के अत्याचारों, देवकी और वासुदेव की पीड़ा और कारागार में हुए अलौकिक घटनाक्रम वर्णन कर कहा कि भगवान के जन्म के साथ ही कारागार के द्वार स्वयं खुल गए, पहरेदार निद्रा में चले गए और वासुदेव बालक कृष्ण को लेकर यमुना पार गोकुल पहुंचे। कृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर पारीक्षित सतीशचंद्र मिश्रा, प्रभा देवी, अरविंद मिश्रा, ऊषा देवी, संतराम पाल, कैलाश दीक्षित, बैकुंठ पाठक, शंकर स्वरूप, पप्पू प्रधान, फूल सिंह, राधे श्रीवास्तव, मनीराम, घनौले, सरिता, मंजू, कविता, सुनीता, छुन्नी, शरद मिश्रा, नारायण मिश्रा, शिवम मिश्रा, पारष मिश्रा, आशा देवी, प्रीति, सुरूचि देवी, अंकित कुमार, कंचन देवी, शिवम मिश्रा आदि रहे।






