जालौन के इस गांव में चल रही भागवत कथा में कथाचार्य ने सुनाई यह कथा

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्रीय ग्राम कैंथ स्थित खेरेश्वर हनुमान एवं शंकर मंदिर परिसर में चल रहे 11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ, साप्ताहिक श्रीराम कथा एवं रामलीला आयोजन का सातवां दिन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। श्रृद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के चरित्र की अनुपम लीलाओं का रसपान किया।
रामकथा वाचक अनुज महाराज ने सप्तम दिवस की कथा में लंका युद्ध के प्रसंग, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी की खोज और विभीषण की नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब रावण का पुत्र मेघनाद लक्ष्मण पर शक्ति बाण चलाकर उन्हें मूर्छित कर देता है, तब समूची वानर सेना चिंता में डूब जाती है। श्रीराम भी दुखी हो जाते हैं। तब वैद्य सुषेण की सलाह पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने हिमालय पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं, लेकिन स्पष्ट पहचान न होने पर पूरा पर्वत ही उठाकर लंका लौट आते हैं। संजीवनी बूटी के स्पर्श से लक्ष्मण को पुनः जीवन प्राप्त होता है, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अनुज महाराज ने इस प्रसंग के माध्यम से त्याग, सेवा और संकट में धैर्य रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी का यह साहसिक कार्य केवल एक कथा नहीं, बल्कि हमें यह सिखाता है कि जब किसी अपने पर संकट आए, तो बिना समय गंवाए कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए। इस दौरान यज्ञाचार्य डॉ. शिवशंकर शुक्ला एवं पंडित रामबाबू त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ की सभी क्रियाएं विधिपूर्वक संपन्न कराईं। यज्ञ मंडप में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर पुण्य अर्जित किया। रात्रिकालीन रामलीला मंचन में लक्ष्मण शक्ति प्रसंग एवं हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने की रोमांचक लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस मंचन का निर्देशन प्रयाग गुरु उरगांव ने किया।

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