रामकथा में कथाचार्य ने सुनाई यह कथा,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर के हनुमंत साधना धाम में चल रही साप्ताहिक रामकथा के पांचवें दिन कथा वाचक रोहित कृष्णाचार्य ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण व प्रेरणादायक वर्णन किया। कथा स्थल भक्तों की श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा।
कथा वाचक रोहित कृष्णाचार्य ने भक्तों को श्रीराम के आदर्श जीवन से जुड़ी शिक्षाओं का रसपान कराते हुए कहा कि, भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में मर्यादा, संयम, त्याग और कर्तव्य का पालन करते हुए संपूर्ण मानवता के लिए एक श्रेष्ठ आदर्श प्रस्तुत किया। रामकथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। हमें श्रीराम के गुणों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने रावण वध, सीता हरण, हनुमान की भक्ति और श्रीराम की नीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। शबरी के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि शबरी के यहां श्रीराम ने प्रेम और भक्ति की पराकाष्ठा समझाई। उन्होंने शबरी के झूठे बेर खाए, क्योंकि उनमें भक्ति का स्वाद था। हनुमान मिलन, दर्शाता है कि सेवा, निष्ठा और समर्पण से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। हनुमानजी को श्रीराम ने न सिर्फ अपना सेवक माना, बल्कि अपने ह्रदय में स्थान दिया। इस दौरान यज्ञाचार्य अनुज बाजपेई ने विधिपूर्वक यज्ञ क्रियाएं संपन्न कराईं। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण और यज्ञ में आहुतियां देकर पुण्य अर्जित किया। इस मौके पर रमेशचंद्र महाराज, सुशीला देवी, पारीक्षित माया देवी, शिवराम राठौर, सुनीता, राधिका, अर्पणा, दीक्षा, रागिनी, कृष्णा, निशा आदि श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे।

Leave a Comment